देवली निकाय चुनाव में टिकट की ‘टेंशन’, 35 वार्डों पर दोनों पार्टी से 200 से ज्यादा दावेदारों ने ठोकी थी दावेदारी
Deoli News 31 अगस्त (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) नगर निकाय चुनाव 2026 को लेकर देवली में सोमवार को नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन राजनीतिक सरगर्मी चरम पर रही। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख दलों से टिकट की दावेदारी के लिए 200 से अधिक आवेदन आने के बाद अब प्रत्याशियों के चयन को लेकर दोनों पार्टियों के सामने बड़ी चुनौती है।

देवली नगर पालिका में कुल 35 वार्ड हैं, ऐसे में प्रत्येक पार्टी अधिकतम 35 अधिकृत प्रत्याशियों को ही चुनाव मैदान में उतार सकती है। टिकट की दौड़ में शामिल बड़ी संख्या में दावेदारों को टिकट नहीं मिलने की स्थिति में पार्टी के भीतर असंतोष और बगावत की आशंका भी बनी हुई है। इसी संभावित स्थिति से निपटने के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने डैमेज कंट्रोल की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार दोनों पार्टियां अपने अधिकृत प्रत्याशियों की सूची सीधे रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय को भेज सकती हैं। ऐसा कांग्रेस में पिछली बार भी देखने को मिला। जब कांग्रेस नेता हरिश्चंद्र मीणा अधिकृत प्रत्याशियों की सूची कार्यालय को भेजकर गए थे। माना जा रहा है कि पार्टी स्तर पर सूची को अंतिम रूप देने के बाद उसे सार्वजनिक रूप से जारी करने के बजाय सीधे निर्वाचन कार्यालय में प्रस्तुत करने की रणनीति अपनाई जा सकती है, ताकि टिकट वितरण को लेकर पहले से असंतोष और संभावित बगावत को कम किया जा सके। देवली में नामांकन के अंतिम दिन राजनीतिक गतिविधियां भी तेज रहीं।
सोमवार को स्थानीय विधायक राजेंद्र गुर्जर अग्रवाल धर्मशाला पहुंचे, जहां उन्होंने भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ चुनाव को लेकर चर्चा की। इस दौरान टिकट वितरण, संभावित प्रत्याशियों और चुनावी रणनीति को लेकर मंथन होने की जानकारी सामने आई। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस में भी टिकट वितरण को लेकर लगातार बैठकों और अंदरूनी स्तर पर विचार-विमर्श का दौर चलता रहा। नामांकन के अंतिम दिन भाजपा और कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं ने भी अपने नामांकन दाखिल किए। निवर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष नेमीचंद जैन और निवर्तमान उपाध्यक्ष सौरभ जिंदल सहित कई प्रमुख चेहरों ने अपने-अपने वार्डों से नामांकन पत्र प्रस्तुत किए। इससे चुनावी मुकाबले को लेकर तस्वीर और अधिक रोचक हो गई है। वहीं राजनीतिक सूत्रों के अनुसार पिछले दिनों भाजपा से बगावत कर कांग्रेस में शामिल हुए तीन नेताओं को कांग्रेस की ओर से टिकट दिए जाने के संकेत मिले हैं। हालांकि अधिकृत सूची सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। ऐसे में दोनों ही दलों में टिकट वितरण के बाद होने वाली संभावित राजनीतिक उठापटक पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। इसी तरह पूर्व में कांग्रेस के जिस वरिष्ठ नेता को टिकट से दरकिनार किया गया था। उन्हें इस बार पार्टी टिकट दे रही है। ऐसे पार्टी के संकेत है। जबकि यही नेता गत नगर पालिका चुनाव में निर्दलीय ही दो सीटों पर जीत के आए थे। बाद में कांग्रेस को अपनी भूल का एहसास हुआ था। वहीं कांग्रेस पार्टी से कुछ पुराने चेहरों पर फिर से विश्वास जताने की भी सूत्रों से जानकारी सामने है। इधर, सोमवार को नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय में सुबह से ही दावेदारों और उनके समर्थकों की भारी भीड़ रही।
हालात यह रहे कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कार्यालय का मुख्य गेट बंद करना पड़ा और केवल पैदल तथा दोपहिया वाहनों से आने-जाने वालों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई। 35 वार्डों से दर्जनों दावेदार अपने समर्थकों के साथ जुलूस के रूप में रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय पहुंचे। कई प्रत्याशी ढोल-नगाड़ों के साथ नामांकन दाखिल करने पहुंचे और इस दौरान समर्थकों ने जमकर नारेबाजी भी की। कई प्रत्याशियों ने शुभ मुहूर्त और अपने निर्धारित समय के अनुसार नामांकन पत्र दाखिल किए। नामांकन के अंतिम दिन देवली में पूरे दिन चुनावी माहौल देखने को मिला और शहर की सड़कों पर दावेदारों के समर्थकों की भीड़ नजर आई। अब मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच होगी। इसके बाद नामांकन वापसी की प्रक्रिया के साथ चुनावी तस्वीर और अधिक साफ होगी।
सबसे बड़ी नजर भाजपा और कांग्रेस की ओर से अधिकृत प्रत्याशियों की सूची पर रहेगी। टिकट से वंचित दावेदारों में से कितने बागी होकर मैदान में उतरते हैं और दोनों दल उन्हें किस तरह साधते हैं, यह आने वाले दिनों में देवली के चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
आज तय होगा देवली का सियासी गणित, टिकट कटने के बाद बगावत व उठापटक के आसार


