Jahazpur News 7 जुलाई (मोहम्मद आजाद नेब) राज्य सरकार के निर्देशानुसार नगर पालिका में संचालित शहरी सेवा शिविर में अधिशासी अधिकारी (ईओ) के अभाव का असर दिखाई दे रहा है। मंगलवार को आयोजित शिविर के दौरान सीमित कार्यों का ही निस्तारण हो सका।
शिविर स्थल पर आमजन की उपस्थिति नहीं थी तथा पालिका कर्मचारी मौजूद थे। जानकारी के अनुसार शिविर के माध्यम से साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट, यूडी टैक्स, जन्म-मृत्यु पंजीयन, भवन निर्माण, नामांतरण, पट्टा प्रकरण सहित विभिन्न सेवाओं का निस्तारण किया जाना है। हालांकि, अधिकारी के अभाव में कई प्रकरण लंबित होने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई कार्यों के लिए उन्हें अब भी नगर पालिका के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे शिविर का उद्देश्य अपेक्षित रूप से पूरा होता नजर नहीं आ रहा। उल्लेखनीय है कि फरवरी में तत्कालीन अधिशासी अधिकारी के एपीओ होने के बाद अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। बाद में अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे अधिकारी के एपीओ होने के बाद नगर पालिका में नियमित अथवा अतिरिक्त प्रभार के रूप में नए अधिशासी अधिकारी की नियुक्ति नहीं हुई है। वर्तमान में एसडीएम प्रशासक के रूप में कार्यरत हैं।
शहरवासियों ने नगर पालिका में शीघ्र अधिशासी अधिकारी की नियुक्ति कर शिविरों को प्रभावी ढंग से संचालित कराने की मांग की है। गौरतलब है कि गत 9 फरवरी को तत्कालीन अधिशासी अधिकारी राघव मीणा को एपीओ कर दिया गया था। इसके बाद 10 फरवरी से रिंकल गुप्ता को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया, लेकिन 19 जून को उनके भी एपीओ होने के बाद से आज तक नगर पालिका में नियमित या अतिरिक्त प्रभार के रूप में किसी अधिशासी अधिकारी की नियुक्ति नहीं की गई है।
वर्तमान में पालिका परिषद के प्रशासक के रूप में स्थानीय एसडीएम छत्रपाल सिंह चौधरी नियुक्त हैं, लेकिन नगर पालिका में दैनिक प्रशासनिक कार्यों के लिए ईओ के अभाव का असर साफ दिखाई दे रहा है।


