Deoli News 1 जुलाई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) राजमहल के वनमाता मंदिर परिसर में चल रही श्रीराम कथा के तीसरे दिन कथा व्यास पं राजेश शुक्ल ने नारद मोह और श्रीराम जन्म की मार्मिक कथा का वाचन किया।
उन्होंने बताया कि किस प्रकार नारद मुनि को कामदेव पर विजय का अहंकार हुआ, जिसे दूर करने के लिए भगवान विष्णु ने माया रची। कथा प्रसंग में बताया गया कि स्वयंबर के दौरान श्रीहरि ने नारद को बंदर का रूप देकर उनके अहंकार को तोड़ा और उनके द्वारा दिए गए श्राप को स्वीकार करते हुए पृथ्वी पर अवतार लेने का वचन दिया। श्री विष्णु भगवान ने राजा दशरथ के घर श्री राम के रूप में जन्म लिया। कथा का श्रवण कराते हुए महंत अनिरुद्धाचार्य महाराज ने इस लीला को प्रभु की माया और भक्तों के कल्याण का माध्यम बताया। इस दौरान कई श्रद्धालु उपस्थित थे।



