Deoli News 25 जून (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शहर में मोहर्रम को लेकर इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान इबादत और अकीदत का माहौल रहा।

पूर्व सदर अकील कुरैशी, मोहम्मद इदरीश व हारुन अंसारी ने बताया कि शहादतनामा पढ़कर और मर्सिया सुनाकर इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद किया गया। नगर में हाई दोष का आयोजन हुआ और कत्ल की रात को ताजियों का नगर भ्रमण कराया गया, जिसमें भिश्ती मोहल्ला, कुरैशी समाज और एजेंसी मोहल्ला के ताजियों ने पूरी श्रद्धा के साथ शिरकत की। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर लंगर और छबील का आयोजन किया गया। शाही जामा मस्जिद भिश्ती मोहल्ला में हुसैनी लंगर कमेटी द्वारा हलीम और छबील का वितरण किया गया, वहीं कुरैशी समाज और एजेंसी मोहल्ला ताजिया कमेटी द्वारा भी लंगर व तबर्रूक बांटा गया।
शाही जामा मस्जिद के शाही इमाम अमन शाकिब रज़ा ने हज़रत मुहम्मद (स.) के नवासे इमामे हुसैन की शहादत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व हमें हक, इंसाफपसंदी और कुर्बानी का संदेश देता है। उन्होंने आह्वान किया कि हमें इमाम हुसैन के बताए मार्ग पर चलते हुए न्याय और सच्चाई की राह पर डटे रहना चाहिए, चाहे इसके लिए कितनी भी बड़ी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े। उन्होंने बताया कि शुक्रवार दोपहर एक बजे देवली में ताजिये निकाले जाएंगे। वहीं गुरुवार को ताजियों को अंतिम रूप दिया गया।



