जन भावना का रखें ध्यान, चिकित्सालय के लिए भी शहर के पास देखे जमीन
Deoli News 23 मई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शहर के रोडवेज बस स्टैंड को जयपुर-कोटा बाईपास पर स्थानांतरित करने की आहट ने स्थानीय राजनीति और व्यापारिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। इस प्रस्तावित बदलाव के विरोध में देवली का जनमानस लामबंद होने लगा है।

जिसकी गूंज शनिवार को भाजपा के प्रशिक्षण कार्यक्रम में भी सुनाई दी। श्री व्यापार महासंघ व भाजपा के पदाधिकारियों ने इस मुद्दे को लेकर ऊर्जा एवं जिला प्रभारी मंत्री हीरालाल नागर व विधायक राजेंद्र गुर्जर से कहा कि यदि बस स्टैंड शहर से बाहर गया, तो देवली का अस्तित्व और व्यापार दोनों संकट में पड़ जाएंगे। महासंघ अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी मंत्री हीरालाल नागर ने तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान ही टोंक जिला कलक्टर टीना डाबी को फोन लगाकर निर्देशित किया कि बस स्टैंड के मामले में आमजन की मंशा का पूरा ख्याल रखा जाए। मंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि जनभावना के अनुरूप ही निर्णय लिया जाना चाहिए और स्थानीय विधायक के मार्गदर्शन में इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। इतना ही नहीं मंत्री ने राजकीय चिकित्सालय के लिए भी शहर के भीतर ही उपयुक्त जमीन तलाशने के निर्देश कलक्टर को दिए।
ताकि स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी लोगों को भटकना न पड़े। इससे पूर्व श्री व्यापार महासंघ के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में तर्क दिया गया कि वर्तमान बस स्टैंड पर्याप्त बड़ा है और केवल व्यवस्थाएं सुधारने की आवश्यकता है। यदि इसे कृषि मंडी के पास 5 किलोमीटर दूर ले जाया गया, तो यात्रियों को परेशानी होगी। व्यापारियों का दर्द छलका कि पहले ही कृषि मंडी के बाहर जाने से व्यापार प्रभावित हुआ है।
अब बस स्टैंड का जाना शहर के लिए घातक साबित होगा। इस दौरान भाजपा नेता उमाशंकर खूंटेटा, जितेंद्र सिंह चौधरी, आशीष पंचोली, रवि साहू, नवीन ग्वाला और अंकित जैन सहित कई मौजूद रहे।
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