Saturday, April 18, 2026
No menu items!
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
HomeDainik Bureau Deskमहिलाओं को सुरक्षित वातावरण देना पोश एक्ट का उद्देश्य

महिलाओं को सुरक्षित वातावरण देना पोश एक्ट का उद्देश्य

महिलाओं सुरक्षा पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित


Deoli News 21 नवंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट देवली अभिलाषा जेफ के निर्देश पर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय देवली में विधिक जागरूकता शिविर लगा। समिति सचिव बृजमोहन शर्मा ने बताया कि यहां प्रधानाचार्य सुशीला मीणा प्राचार्य ने बताया कि पोश एक्ट 9 दिसंबर 2013 को अधिनियमित और 23 अप्रैल 2013 को लागू हुआ।

यह अधिनियम भारत सरकार द्वारा कार्यस्थल पर महिलाओं द्वारा सामना किए जाने वाले यौन उत्पीड़न के मुद्दे को हल करने के लिए बनाया गया। एक कानून है। पोश अधिनियम में शारीरिक संपर्क और यौन प्रस्ताव, यौन अनुग्रह के लिए मांग या अनुरोध, अश्लील टिप्पणी करना, अश्लील चित्र दिखाना तथा किसी भी अन्य अवांछित शारीरिक, मौखिक या गैर-मौखिक व्यवहार जैसे अवांछित कार्य शामिल हैं। इस अधिनियम का उद्देश्य महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल कार्य वातावरण बनाना तथा उन्हें यौन उत्पीड़न के खिलाफ सुरक्षा देना है। वहीं बालिकाओं को बाल विवाह रोकथाम, बाल विवाह के दुष्परिणाम, वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों, सरकार की ओर से गरीब व्यक्ति, बच्चों, महिलाओं एवं पात्र व्यक्तियों को मिलने वाली निःशुल्क विधिक सहायता, राजस्थान पीड़ित प्रतिकर स्कीम 2011, लोक अदालत तथा राष्ट्रीय एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

%d