नेगड़िया पुलिया पर जान जोखिम में डालकर छलांग लगा रहे युवा
(अवेयरनेस पॉइंट)
Deoli News 8 मई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) मौजूदा समय में युवाओं के बीच सोशल मीडिया पर ट्रेंडिंग होने की होड़ इस कदर बढ़ गई है कि वे अपनी जान की परवाह भी नहीं कर रहे हैं। हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक ऐसा ही वीडियो सामने आया है।
जिसमें एक युवक बनास नदी पर बनी नेगड़िया पुलिया की रेलिंग से कई फीट नीचे पानी में छलांग लगाता नजर आ रहा है। हालांकि वीडियो में दिख रहा युवक तैराक है और कूदने के बाद तैरता हुआ बाहर निकल आता है, लेकिन इस तरह के जोखिम भरे करतब किसी भी समय जानलेवा साबित हो सकते हैं। मानसून सत्र के दौरान अक्सर जलभराव वाले क्षेत्रों और बीसलपुर बांध के नेगड़िया जैसे इलाकों में डूबने की दुखद घटनाएं सामने आती हैं।
हाल ही घटना आई सामने
हाल ही में राजमहल से भी ऐसी घटना सामने आई है। जिसमें ट्रैक्टर के ट्यूब पर बैठा युवा फिसलकर पानी में गिर गया और अपनी जान से हाथ धो बैठा।
इसके बावजूद युवा इनसे सबक लेने को तैयार नहीं हैं। रील बनाने के जुनून में किए जा रहे ये कृत्य न केवल स्वयं के लिए खतरनाक हैं, बल्कि समाज के अन्य युवाओं को भी गलत प्रेरणा दे रहे हैं। हर साल ऐसे हादसों के बाद पुलिस और प्रशासन को जलमग्न क्षेत्रों में शवों की तलाश के लिए घंटों और दिनों तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है, जिससे सरकारी संसाधनों और समय का भी भारी नुकसान होता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि पुलिस प्रशासन को ऐसे खतरनाक स्थानों पर गश्त के दौरान निगरानी रखनी चाहिए और रील के नाम पर स्टंट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लानी चाहिए।
जागरूकता बेहद जरूरी
केवल प्रशासनिक सख्ती और व्यक्तिगत जागरूकता के माध्यम से ही इन बढ़ते जानलेवा रुझानों पर रोक लगाई जा सकती है।
ताकि किसी भी परिवार का चिराग बुझने से बच सके। विशेषज्ञों का मानना है कि पानी की गहराई और नीचे छिपी चट्टानों का सही अंदाजा न होने के कारण ऐसी छलांगें कभी घातक साबित हो सकती हैं। यदि युवक अनजाने में किसी पथरीली या कम गहरी जगह पर कूद जाए, तो गंभीर चोट लगने या मौके पर ही जान जाने का पूरा अंदेशा रहता है। सोशल मीडिया पर मिलने वाली चंद सेकंड की वाहवाही किसी के जीवन और परिवार की खुशियों से बड़ी नहीं हो सकती।



