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🪈देर रात जन्मे मुरलीधर🪈
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सजे मंदिर🛕
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लोगों ने रखा व्रत उपवास
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ठाकुर जी के दर्शनों के लिए उमड़ी भीड़
Deoli News 26 अगस्त (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व देवली शहर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में हर्षोल्लास एवं धार्मिक भावना के साथ मनाया गया। इस मौके पर शहर के विभिन्न मंदिरों🛕में ठाकुरजी समेत देवों की झांकी सजाई गई। वहीं घरों में भी श्रद्धालुओं ने लड्डू गोपालजी का मनमोहक श्रृंगार किया।

सभी मंदिरों में सुबह से ही झांकी सजावट की लेकर तैयारी की गई। शहर के बस स्टैंड स्थित गायत्री माता मंदिर, नीलकंठ महादेव, पंचमुखी बालाजी, सार्वजनिक गौशाला, गौतम मंदिर, बावड़ी बालाजी एवं अग्रवाल धर्मशाला में विराजमान भगवान चारभुजानाथ की अनुपम झांकी सजाई गई। इसी तरह तेली समाज के लक्ष्मीनाथ भगवान मंदिर, गंगागुरिया बालाजी, छतरी स्थित शिव मंदिर, एजेंसी गोपालजी मंदिर, पेट्रोल पंप स्थित बालाजी मंदिर, नेकचाल बालाजी, सीआईएसएफ परिसर में भी श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर सजावट की गई और भजन कीर्तन हुए। मंदिरों को फूलों से सजाया गया। कई मंदिरों में सजीव झांकी बनाई। श्रद्धालुओं ने सोमवार रात पहुंचकर दर्शन किए। बस स्टैंड स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर में भजन संध्या का आयोजन हुआ।
शहर में ग्वाला समाज की ओर से भी जन्माष्टमी पर शोभायात्रा निकाली गई। इसमें शामिल श्रद्धालु नाचते हुए चल रहे थे। भगवान के बेवाण की शोभायात्रा शहर की प्रमुख मार्गो से होकर गुजरी। घरों में लोगों ने अपने नन्हें बच्चों को राधा कृष्ण का रूप दिया। कई घरों में छप्पन भोग की सजा की सजाई गई। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने व्रत उपवास रखा। वही रात 12 बजे घरों व मंदिरों में 🔔🔔🔔घन्टी, झालर की ध्वनि के साथ भगवान श्रीकृष्ण, ठाकुरजी व लड्डू गोपालजी का जल, पंचामृत से अभिषेक कर आरती की गई। वहीं कान्हा को पंजीरी का भोग लगाया गया।
देर रात 12 बजे लोगों ने कान्हा के जन्मदिवस पर आतिशबाजी भी की। मंदिरों में “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की, “हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की”, गुंज उठे। इससे पहले जनता कालोनी में दही हांडी का आयोजन भी किया। उल्लेखनीय है कि इससे पहले रविवार रात सप्तमी पर देवली गांव में देर रात श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया।


