कृषि विद्युत कनेक्शन का इंतजार कर रहे किसानों के लिए मौका
Desk News 31 अगस्त (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) कृषि विद्युत कनेक्शन के अभाव में डीजल इंजन चलित पंप से खेतों में सिंचाई कर रहे किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) स्टैंड अलोन सौर ऊर्जा पंप परियोजना (कंपोनेंट बी) एक अच्छा मौका है।

बिजली कटौती एवं कृषि कनेक्शन में होने वाली देरी से छुटकारा मिलने के साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा दिए जा रहे अनुदान का लाभ उठाते हुए सौर ऊर्जा पंप संयंत्र लगाने का मौका उक्त योजना के माध्यम से किसानों को मिल रहा है। पीएम-कुसुम-कंपोनेंट बी के तहत कृषकों को 3, 5 एवं 7.5 हॉर्स पावर क्षमता के सौर ऊर्जा पंप संयंत्र लगाने पर 60 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। इसमें 30 प्रतिशत अनुदान केंद्रीय मद से व 30 प्रतिशत राज्य मद से है। अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के कृषकों को राज्य मद से 45 हजार रूपए प्रति कृषक प्रति संयंत्र अतिरिक्त अनुदान मिलेगा। पंप संयंत्र की कुल लागत की 40 प्रतिशत राशि कृषक द्वारा स्वयं वहन की जाती है। कृषक अपनी हिस्सा राशि का 30 प्रतिशत तक बैंक से ऋण प्राप्त कर सकते हैं। सौर ऊर्जा पंप संयंत्र के लिए भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय से निर्धारित दरों पर अनुबंधित, सूचीबद्ध फर्म द्वारा स्थापित किए जाने पर ही अनुदान देय होगा। आपूर्तिकर्ता फर्म का चयन कृषक द्वारा किया जाएगा। अनुदान राशि का भुगतान उद्यान विभाग द्वारा संबंधित आपूर्तिकर्ता फर्म को दो चरणों में किया जाता है।
अनुबंधित फर्म द्वारा सौर ऊर्जा पंप संयंत्र कृषक के खेत पर स्थापित किए जाने का सत्यापन कमेटी द्वारा सत्यापन किए जाने के बाद पंप संयंत्र की 90 प्रतिशत (40 प्रतिशत कृषक हिस्सा एवं 50 प्रतिशत अनुदान राशि) राशि का भुगतान देय होगा। शेष राशि का भुगतान दूसरे चरण में होगा। पीएम कुसुम योजना कंपोनेंट-बी के तहत वर्ष 2023-24 के लिए राज्य के समस्त जिलों में कुल मिलाकर एक लाख सौर ऊर्जा पंप संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य तय किया गया है।



