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HomeDainik Bureau Deskतेजा गीत लोक संस्कृति की संजीवनी- डॉ. सैनी

तेजा गीत लोक संस्कृति की संजीवनी- डॉ. सैनी

शोभायात्रा में उमड़ी आस्था, पूर्व कृषि मंत्री के निवास पर हुआ आयोजन


Deoli News 12 सितंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) आवां में एक पखवाड़े से धर्म की सरिता बह रही है। ग्राम के प्रमुख मंदिरों से गुजरती लोक देवता तेजाजी के ध्वज की शोभायात्रा में श्रद्धा का ज्वार उमड़ रहा है। वहीं तेजाजी की समिति के तत्वाधान में तेजा गीतों की मधुर स्वरलहरी बह रही है।

ध्वज की शोभायात्रा के 16 वें दिन 36 कौमों के सहयोग से जोत व ध्वज को खलियानों के बालाजी के मंदिर परिसर में स्थापित किया गया। इस दौरान पूर्व कृषि मंत्री डॉ. प्रभुलाल सैनी के निवास पर सैकड़ो लोगों की उपस्थिति में अलगोजों की सुरीली धुन, ढोलक की थाप व मंजीरों की तान पर तेजा गीतों की शानदार प्रस्तुति दी गई। सैनी ने ध्वज व ज्योत की पूजा करते हुए सभी लोक परम्पराएं निभाई। पूर्व मंत्री सैनी ने कहा कि मेले व पर्व हमारी संस्कृति को संजीवनी प्रदान करते हैं। तेजाजी हमारी आस्था व श्रद्धा के प्रतीक हैं। तेजाजी गीतों में विभिन्न लोक वाद्य यन्त्रों से निकली दिलकश ध्वनि वातावरण को पवित्र व पावन करने के साथ सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है। वातावरण में मौजूद हानिकारक, जहरीले व नकारात्मक विषाणुओं और तत्वों का शमन कर शुद्धता व पोषण प्रदान करती है।

इस अवसर पर मिठाई वितरण करने के साथ दो दर्जन तेजा गायकों व समिति के पदाधिकारियों का साफ़ा पहना कर राजस्थानी परम्परा के अनुसार स्वागत किया। उपस्थित जन समुदाय ने इस प्रकार के आयोजनों को राज्य पर्यटन विभाग में शामिल करने की मांग उठाई।

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