दिव्य मुरारी बापू ने समझाया भक्ति का मर्म
Deoli News 23 मार्च (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शहर के गौरव पथ स्थित नगर पालिका परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान सोमवार को महामंडलेश्वर दिव्य मुरारी बापू ने श्रद्धालुओं को भक्ति का मर्म समझाया।
उन्होंने कहा कि मन को प्रेम से समझाकर प्रभु स्मरण में लीन करना और खुली आँखों से उनके दर्शन की अनुभूति पाना ही ‘चेतन समाधि’ है। बापू ने बताया कि जब मन ईश्वर में संलग्न हो जाता है, तो वह संसार के बीच रहकर भी पवित्र बना रहता है, जैसा श्री शुकदेव जी के जीवन में देखने को मिला। उन्होंने जीवन में सदाचार और वैराग्य की वृद्धि के लिए कथा श्रवण को अनिवार्य बताया। कथा के विशेष प्रसंग में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया, जिसमें नन्हें कान्हा के रूप में यथार्थ पुत्र शुभम जैन की जीवंत झांकी से सभी का मन मोह लिया। कान्हा के जन्म की खुशी में पूरा पाण्डाल जयकारों से गूंज उठा और भक्तों ने एक-दूसरे को बधाई दी।
आयोजक महावीर प्रसाद शर्मा ने बताया कि इस दौरान ब्राह्मण समाज द्वारा महामंडलेश्वर दिव्य मुरारी बापू का स्वागत और अभिनंदन भी किया गया।


