Sunday, May 10, 2026
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देवली से सांवरिया सेठ बस यात्रा 13 को, जाने “अपरा एकादशी” का महत्व

(धर्म कर्म)


Deoli News 10 मई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) श्री सेठ सांवरिया विकास समिति देवली के तत्वाधान में इस महीने श्रीसांवरिया सेठ व सिंगोली श्याम की बस यात्रा आगामी 13 मई को अपरा एकादशी पर जगदीश धाम से जाएगी। समिति ने यात्रा के लिए सुबह 11 बजे का समय निर्धारित किया है।

यात्रा में जाने वाले श्रद्धालुओं को सुबह 10:30 बजे तक बस के पास पहुंचकर अपना स्थान सुरक्षित करनी होगी। वहीं टिकट एडवांस बुक भी करवाया जा सकते हैं। श्रद्धालु देवराज गुर्जर से मोबाइल नं 9785216416 पर संपर्क कर सकते हैं।

अपरा एकादशी का धार्मिक महत्व और पुण्य फल

गौरतलब है कि हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष अपरा एकादशी का व्रत 13 मई को रखा जाएगा। ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की इस एकादशी को ‘अचला एकादशी’ भी कहते है। इस दिन भगवान विष्णु के त्रिविक्रम स्वरूप की पूजा का विधान है, जो भक्तों के सभी पापों का नाश कर उन्हें अपार सुख-समृद्धि प्रदान करते हैं। ‘अपरा’ का अर्थ ही असीमित होता है, लिहाजा माना जाता है कि इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति को सीमित प्रयासों में भी असीमित पुण्य की प्राप्ति होती है।

पौराणिक कथाओं के अनुसार, यह व्रत ब्रह्महत्या, परनिंदा और असत्य भाषण जैसे घोर पापों के दोष से मुक्ति दिलाने में सक्षम है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अपरा एकादशी का फल गंगा किनारे पिंडदान करने या स्वर्ण दान करने के समान माना गया है। जो साधक इस दिन पूर्ण निष्ठा के साथ व्रत रखते हैं और रात्रि जागरण करते हैं, उन्हें प्रेत योनि से मुक्ति मिलती है और मृत्यु के बाद बैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है।

“तुलसी पूजन” का है विशेष महत्व

इस दिन तुलसी पूजन और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना कल्याणकारी माना गया है। ज्येष्ठ मास की गर्मी को देखते हुए इस दिन जल, फल और छाता दान करने का विशेष महत्व है, जिससे पितरों को तृप्ति मिलती है। पंडितों के अनुसार यह एकादशी आध्यात्मिक शुद्धि का प्रमुख मार्ग है।

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