Deoli News 18 मई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) उद्योग विकास समिति देवली ने सोमवार को देवली आए ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर व जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर रीको औद्योगिक क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं के समाधान की मांग की है। समिति के संरक्षक महेश मंगल, अध्यक्ष कृष्ण कुमार गोयल और महामंत्री मनीष कुमार सिंहल के नेतृत्व में क्षेत्र के विकास और श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई जरूरी मुद्दे उठाए गए हैं।
ज्ञापन में बताया कि रीको क्षेत्र के 80 उद्योगों में करीब 1500 से 2000 श्रमिक कार्यरत हैं, जिनकी चिकित्सा के लिए सिटी डिस्पेंसरी और बुनियादी सुविधा के लिए सार्वजनिक शौचालय की सख्त जरूरत है। इसके अलावा समिति ने पेयजल के लिए पाइप लाइन बिछाने, बारिश में नेकचाल तालाब के ओवरफ्लो पानी की निकासी की व्यवस्था करने, हाईमास्क लाइटें लगाने और बिजली की लाइनों को अंडरग्राउंड करने की मांग की है। साथ ही यातायात सुरक्षा के लिए तिराहों-चौराहों पर स्पीड ब्रेकर बनाने, उद्योगों के विस्तार के लिए देवली व दूनी में नए स्वीकृत रीको क्षेत्र को अमलीजामा पहनाने और वित्तीय सुविधा के लिए एक सरकारी या निजी बैंक शाखा खुलवाने का आग्रह किया गया है।
पेयजल योजनाओं में देरी को लेकर श्री व्यापार महासंघ ने सौंपा ज्ञापन
देवली। शहर की ठप पड़ी पेयजल योजनाओं को लेकर श्री व्यापार महासंघ देवली ने राजस्थान सरकार के ऊर्जा एवं प्रभारी मंत्री व जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा है। महासंघ के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में अधिकारियों की लापरवाही के कारण आमजन को हो रही पानी की किल्लत पर चिंता व्यक्त की गई है और दोनों अटकी हुई योजनाओं को जल्द शुरू करने की मांग की गई है।
अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2024 के बजट में देवली शहर की पेयजल योजना के लिए 22 करोड़ रुपए की घोषणा की थी। मई 2025 में विभाग द्वारा इसकी तकनीकी स्वीकृति भी जारी कर दी गई थी, लेकिन इसके बाद विभाग ने निविदा जारी करके उसे निरस्त कर दिया। इसके बाद दोबारा निविदा जारी की गई, लेकिन काम आज तक आगे नहीं बढ़ पाया। इस संबंध में कोई भी अधिकारी संतोषजनक जानकारी देने को तैयार नहीं है कि निविदा पर क्या निर्णय लिया गया है।
इसके अलावा बजट घोषणा से अलग देवपुरा से देवली तक नई पाइप लाइन बिछाने के लिए अमृत योजना के तहत 5 करोड़ रूपए की निविदा जारी की गई थी, लेकिन इस योजना का काम भी ठप पड़ा है और अधिकारी इस पर भी चुप्पी साधे हुए हैं।


