Deoli News 2 अप्रैल (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) टोंक-सवाई माधोपुर सांसद हरीश चंद्र मीना ने लोकसभा में टोंक जिला मुख्यालय की दशकों पुरानी पीड़ा को प्रमुखता से उठाया। वही इस मुद्दे को उन्होंने टोंक जिले का दुर्भाग्य बताया है।
बजट सत्र के दौरान उन्होंने सरकार को अवगत कराया कि देश की आजादी के 80 साल बीतने के बावजूद टोंक उन अभागे क्षेत्रों में शुमार है, जहाँ के लोगों ने आज तक अपने शहर में रेल नहीं देखी। सांसद ने भावुक होते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार के लिए यहाँ की जनता को जयपुर या कोटा पर निर्भर रहना पड़ता है, जो विकास के दावों पर एक बड़ा सवाल है। सांसद ने केंद्र और राज्य की ‘डबल इंजन’ सरकार को घेरते हुए कहा कि जनता ने वादों पर भरोसा किया है, जिसे अब पूरा करने की जिम्मेदारी सरकार की है। उन्होंने टोंक को नसीराबाद के रास्ते रेल लाइन से जोड़ने की पुरजोर मांग की, ताकि क्षेत्र का औद्योगिक और सामाजिक उत्थान हो सके। उन्होंने सदन से हाथ जोड़कर अपील की कि टोंक को रेल मार्ग से जोड़कर यहाँ के पिछड़ेपन को दूर किया जाए और जिले के साथ न्याय किया जाए।



