निष्पक्ष जांच की मांग
Jahazpur News 23 जनवरी (मोहम्मद आज़ाद नेब) जहाजपुर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची शुद्धिकरण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। ब्लॉक कांग्रेस ने भाजपा नेताओं पर कांग्रेस समर्थित मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटवाने के लिए प्रशासनिक मशीनरी पर अनुचित दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगाया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व प्रधान सीता देवी गुर्जर के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उपखंड कार्यालय पर जमकर धरना प्रदर्शन किया और निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ज्ञापन में बताया कि विधानसभा क्षेत्र संख्या 182 के बूथ संख्या 1 से 296 तक करीब 7 हजार मतदाताओं के नाम काटने और जोड़ने के लिए नियमों के विरुद्ध जाकर भारी संख्या में बल्क (बंडल) में आवेदन प्रस्तुत किए जा रहे हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह आवेदन पहले से प्रिंटेड फार्मों पर हैं और इनमें से कई अधूरे, गलत हस्ताक्षरों वाले और फर्जी आपत्तियों पर आधारित हैं। निर्वाचन आयोग के इलेक्टोरल मैनुअल 2023 के प्रावधानों का हवाला देते हुए बताया कि नियमों के तहत कोई भी व्यक्ति बल्क में आवेदन नहीं दे सकता और एक बीएलए-2 भी ड्राफ्ट रोल प्रकाशन के बाद एक दिन में अधिकतम 10 आवेदन ही जमा करा सकता है।
लेकिन जहाजपुर में इन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। शिकायत में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि जिन बूथों पर दशकों से कांग्रेस विचारधारा के मतदाता निवास कर रहे हैं और जिनकी भूमि व स्थायी आवास वहां दर्ज हैं, उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। आरोप है कि सरकारी बीएलओ पर अनैतिक दबाव डालकर नियम विरुद्ध तरीके से नाम हटाने की प्रक्रिया को अंजाम दिया जा रहा है। पूर्व प्रधान सीता देवी गुर्जर और कांग्रेस पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि लोकतंत्र और संविधान द्वारा प्रदत्त मताधिकार की रक्षा की जाए और फर्जीवाड़ा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में पारदर्शी और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस पार्टी व्यापक जन आंदोलन करेगी।



