Jahazpur News 2 जुलाई (मोहम्मद आज़ाद नेब) पीपलून्द के ग्रामीणों ने गुरुवार को कलक्टर भीलवाड़ा को ज्ञापन सौंपकर पीपलून्द बाईपास सड़क निर्माण कार्य कर रही कंस्ट्रक्शन कम्पनी, उसके प्रतिनिधियों और ठेकेदार पर चारागाह भूमि से मिट्टी और पेड़ों का दोहन करने का आरोप लगाया जा।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि पीपलून्द में राष्ट्रीय राजमार्ग, मेगा हाईवे के तहत नए बाईपास सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। आरोप है कि निर्माण एजेंसी द्वारा टेंडर की शर्तों का उल्लंघन करते हुए राजकीय चारागाह की गोचर भूमि से भारी मात्रा में मिट्टी निकालकर डम्परों के माध्यम से बाईपास निर्माण में उपयोग किया जा रहा है। इसके लिए एलएनटी, जेसीबी और अन्य मशीनों का उपयोग कर सरकारी भूमि से मिट्टी का अवैध दोहन किया गया। चारागाह भूमि में स्थित हरे-भरे पेड़, विशेषकर खेजड़ी सहित अन्य वृक्षों को काटकर उनकी लकड़ी भी ले जाई गई, जिससे अरावली क्षेत्र और पर्यावरण को नुकसान पहुंचा है। मिट्टी के अवैध दोहन से चारागाह भूमि का स्वरूप बिगड़ गया है और सैकड़ों पेड़ नष्ट हो चुके हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि संबंधित श्याम कंस्ट्रक्शन कम्पनी के मालिक, प्रतिनिधियों एवं ठेकेदार द्वारा अन्य लोगों के साथ मिलकर संगठित तरीके से गोचर भूमि से मिट्टी चोरी कर उसे बाईपास निर्माण में उपयोग किया जा रहा है। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से यह पूरा काम लंबे समय से संचालित होने का भी आरोप लगाया गया है। ज्ञापन में बताया कि अवैध मिट्टी दोहन के विरोध में आवाज उठाने वाले ग्रामीणों को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां देकर परेशान किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने खून से ज्ञापन लिखकर जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध अविलंब मुकदमा दर्ज किया जाए, अवैध रूप से उपयोग की गई मिट्टी का राजस्व वसूली करने, पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई कराई जाए तथा कम्पनी को ब्लैकलिस्ट किया जाए।


