Desk News 13 जनवरी (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) लोक स्वास्थ्य सुरक्षा व पशु पक्षियों की जान के खतरे तथा विद्युत प्रसारण को बाधा रहित बनाए रखने के लिए जिला मजिस्ट्रेट डॉ. सौम्या झा ने दंड संहिता 1973 की धारा 144 के अंतर्गत निहित शक्तियों का प्रयोग किया है।
उन्होंने “धातु निर्मित मांझा”(पतंग उड़ाने के लिए पक्का धागा, नायलॉन, प्लास्टिक मांझा, चाइनीज मांझा सिंथेटिक, टॉक्सिक मटेरियल, आयरन पाउडर, ग्लास पाउडर) के थोक एवं खुदरा बिक्री तथा उपयोग को टोंक जिले की राजस्व सीमा में प्रतिबंधित के आदेश जारी किए हैं। साथ ही सुबह 6 से 8 बजे तक तथा शाम 5 से 7 बजे की समयावधि में पतंगबाजी पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा। यह आदेश 31 जनवरी 2024 तक प्रभावी रहेगा। आदेश की अवहेलना या उल्लंघन किए जाने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत दंडित किया जाएगा।



