Deoli News 2 जनवरी (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) क्षेत्र के माताजी का थांवला निवासी एक व्यक्ति ने धोखाधड़ी कर स्वयं की जमीन किसी तीसरे व्यक्ति के नाम बेचने के मामले में मंगलवार को नासिरदा थाने में मामला दर्ज कराया है।
हेडकांस्टेबल गणेश लाल ने बताया कि यह मामला धर्मराज पुत्र दामोदर ब्राह्मण निवासी माताजी का थांवला ने दर्ज कराया है। इसमें बताया कि उसके पिता दामोदर व काका रामनिवास ने 10 जुलाई 1997 को छीतर पुत्र छोगा कुम्हार निवास श्रीनगर, तहसील देवली से उसकी संयुक्त खातेदारी खसरा संख्या 394 रकबा 0.61 हेक्टर भूमि में से आधी हिस्से की भूमि 13 हजार रुपए में खरीदी थी। उक्त भूमि का वर्तमान में खसरा नंबर 115 है। वही विक्रेता छीतर ने तत्कालीन समय में 5 रुपए के स्टांप पर उसी दिन लिखकर गवाह के हस्ताक्षर के साथ पीड़ित के पिता दामोदर व काका रामनिवास को दिया। इसके बाद पीड़ित के पिता व काका की मृत्यु हो गई।
रजिस्ट्री के लिए करता रहता टालमटोल
वहीं पीड़ित धर्मराज ने जमीन विक्रेता छीतर कुम्हार को रजिस्ट्री करने के लिए कहा तो आरोपी यह कहता रहा कि उसने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक शाखा थांवला से केसीसी ले रखी है।
जिसे जमा कराकर वह भूमि का पंजीयन कर देगा। वही लगातार पंजीयन करने से टालमटोल करता रहा। इसे लेकर पीड़ित ने 4 नवंबर 2020 को छीतर को जरिए अधिवक्ता नोटिस भी दिया। इसके बावजूद उसने रजिस्ट्री नहीं कराई। पीड़ित को कई बार रजिस्ट्री करने के नाम पर दिल्ली से बुला लिया। लेकिन हर बार उसे झांसा देता रहा। आरोप लगाया की छीतर लाल की ओर से रजिस्ट्री नहीं करने के पीछे मंशा यह थी कि वह जमीन को ऊंचे दाम पर बेचना चाहता था।
तीसरे व्यक्ति को जा बेची जमीन
इसके बाद आरोपी छीतर लाल ने गत 27 दिसंबर को तथ्य छुपाते हुए उक्त भूमि अपनी बहन कजोड़ी के साथ मिलकर नासिरदा कार्यालय में जाकर नरेंद्र पुत्र शिशुपाल गुर्जर निवासी भगवानपुरा के रजिस्ट्री करवा दी।
जबकि उक्त भूमि पर छीतर लाल का कोई कानूनी अधिकार नहीं था। वहीं पीड़ित ने उक्त भूमि पर सरसों की फसल बुवाई कर रखी थी। पीड़ित ने मामला दर्ज कराकर कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।


