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विभागीय अभियंता ने कहा कि, “जल्द करेंगे प्रयास”
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छुट्टियों में छिपा रहा संकट, स्कूल खुलते ही फिर हुई पानी की चिंता
Deoli News 1 जुलाई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) ग्राम पंचायत डाबर कला स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में पिछले छह माह से पेयजल का गंभीर संकट बना हुआ है। हालांकि पिछले डेढ़ महीने से स्कूल में गर्मियों की छुट्टी होने की वजह से दिक्कत नहीं हुई।
लेकिन स्कूल खुलने से फिर से यह समस्या सामने आ रही है। दरअसल विद्यालय में जल जीवन मिशन योजना के तहत नल कनेक्शन तो मौजूद हैं, लेकिन लंबे समय से उनमें पानी की आपूर्ति ठप है। पेयजल के अभाव में विद्यालय में अध्ययनरत करीब साढे़ तीन सौ विद्यार्थी प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में कुएं का पानी क्लोराइड युक्त होने के कारण पीने योग्य नहीं है। शुद्ध पेयजल की अनुपलब्धता के चलते विद्यालय को निजी टैंकरों के माध्यम से पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। एक टैंकर का पानी मुश्किल से दो दिन ही चल पाता है, जिससे विद्यालय पर आर्थिक भार भी बढ़ रहा है। शिक्षकों और अभिभावकों का कहना है कि पीने के पानी की कमी का सीधा असर विद्यालय के नामांकन पर भी पड़ रहा है।
समस्या को लेकर उच्च अधिकारियों को पूर्व में अवगत कराया जा चुका है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का स्थाई समाधान नहीं होता है, तो वे जिला कलक्टर टीना डाबी से गुहार लगाएंगे।
जल्द सुधारेंगे व्यवस्था
मामले को लेकर जलदाय विभाग के कनिष्ठ अभियंता वीरेंद्र सिंह ने बताया कि विद्यालय और आसपास के क्षेत्र में जलापूर्ति के लिए 160 एमएम की नई पाइपलाइन की योजना तैयार की गई है और इसके लिए पाइप भी उपलब्ध हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि करीब 20 दिन पूर्व जब टीम पाइपलाइन बिछाने के लिए पहुंची थी, तो स्थानीय स्तर पर कुछ विरोध का सामना करना पड़ा था, जिसके चलते काम रुक गया था।
इसके बाद एसडीएम प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से ग्रामीणों से समझाइश के प्रयास किए गए। कनिष्ठ अभियंता के अनुसार वर्तमान में संवेदक के स्तर पर संसाधनों और श्रमिकों की कमी के कारण कार्य में कुछ विलंब हुआ है। विभाग का प्रयास है कि आगामी एक सप्ताह के भीतर पाइपलाइन बिछाकर विद्यालय में पेयजल आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी। दरअसल यह योजना बड़ला-बघेरा-डाबर कला क्षेत्रीय जल योजना है।



