Deoli News 11 अक्टूबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शारदीय नवरात्र की रविवार को शुरुआत हुई। इस अवसर पर मंदिरों और घरों में शुभ मुहूर्त में घट स्थापना की गई। श्रद्धालुओं ने नौ दिन व्रत और निराहार रहने का संकल्प लेकर माता रानी की पूजा-अर्चना की।

नवरात्र के पहले दिन क्षेत्र के प्रमुख शक्तिपीठ हिंगलाज माताजी मंदिर और कुचलवाड़ा स्थित बिजासन माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। हिंगलाज माता मंदिर में दूर-दराज से पदयात्रा कर पहुंचे श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में माथा टेककर सुख-समृद्धि की कामना की। यह क्षेत्र का प्रसिद्ध शक्तिपीठ है, जहां नेत्र रोग से राहत की कामना लेकर भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसी तरह कुचलवाड़ा स्थित बिजासन माता मंदिर में भी श्रद्धालुओं का जमावड़ा रहा। देवली सहित आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे भक्तों ने माता के दर्शन कर श्रृंगार चढ़ाया और पूजा-अर्चना की। क्षेत्र के दौलता स्थित माताजी मंदिर, केसर माता मंदिर और राजमहल के वन माता मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही।
नवरात्र के आगाज के साथ ही क्षेत्र के देवालयों और हनुमान मंदिरों में रामायण की चौपाइयां गूंजने लगीं। इसके अलावा पहले दिन भी श्रद्धालु अपने कुल देवता और कुल देवियों के दर्शनों के लिए पहुंचे। वही नवरात्र में सती माता के पहुंचने की भी परंपरा जारी है।
मंदिर में 43 वर्षों से अखंड रामायण पाठ की परंपरा, पूरे नवरात्र होगा पाठ


