औपचारिकता पूरी करने में नहीं छोड़ी कसर
Jahazpur News 12 जुलाई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) जहाजपुर इलाके स्थित बनास नदी में गाद निकालने के बजाय बजरी निकालने की खबरों के बाद शुक्रवार को प्रशासन हरकत में आया। इस दौरान खनिज विभाग व स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची तथा मामले की जांच की।
दरअसल बीसलपुर बांध के कैचमेंट एरिया के पेंदे में जमा पत्थर, बजरी, मिट्टी निकाल कर नदी गहराई करने एवं पानी स्टोरेज को बढ़ाने के लिए ईआरसीपी प्रोजेक्ट के तहत बीसलपुर बांध से गाद निकालने का ठेका 20 साल के लिए गुजरात की फर्म एन जी गढ़िया को दिया गया। लेकिन फर्म द्वारा नदी के नीचे से तलछट और मलबे को हटाने के बजाए बजरी को छान कर बाहर निकाल रही है। बाकी मलबे मिट्टी, पत्थर को नदी में ही छोड़ रही थी। इस मामले को लेकर दैनिक ब्यूरो ने खबरे प्रकाशित की। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और आज बनास नदी में मौका मुआयना करने दल पहुंचा। खनन विभाग के एमई चंदन कुमार, तहसीलदार रवि कुमार मीणा, सिंचाई विभाग के एईएन रामप्रसाद मीणा, फोरमैन दिनेश यादव, रावत खेड़ा पटवारी जमना मीणा ने फर्म के डंपिंग यार्ड का निरीक्षण किया।
जहां पर आनन फानन मे अधिकारी जाने के बाद ट्रैक्टर ट्राली के माध्यम से गाद डलवाई जा रही थी। मौके पर तीन चार ट्रॉली गाद की दिखाई दी। फर्म केवल व केवल बजरी को छान कर बनास नदी में बड़े स्टॉक करती हुई दिखाई दी। अनियमितताओं की भरमारता देखीं गई। मौके पर गए सभी अधिकारियों की बैठक उपखंड कार्यालय पर एसडीएम सुरेंद्र बी पाटीदार ने ली। जांच करने आए खनन विभाग के एमई चंदन कुमार ने बताया कि कंपनी के लोगों को अपना काम डूब क्षेत्र के बाहर आकर नहीं करने व जहां तक उनका एरिया आता है, वहां तक पिलर लगाने की हिदायत दी गई। जांच की गई है, जिसमें अनियमितताएं नहीं पाई गई।
ईआरसीपी जेईएन राज लाम्बा ने बताया कि ईआरसीपी प्रोजेक्ट के तहत बांध से गाद निकालने का कार्य चल रहा है। अभी धुवाला पुलिया के पास हो रहा है। कंपनी के पास 20 साल का समय है। सभी जगह से गाद निकली जाएगी। यहां पर जो होल्डर है, उनकी भी साफ-सफाई की जाएगी। एसडीओ से जो निर्देश जो मिले हैं, उनकी पालना की जा रही है। उल्लेखनीय है कि जांच दल के आने से पहले यहां लगी एलएनटी व जेसीबी मशीन गायब कर दी गई।



