सिस्टम की भेंट चढ़ा धनराज, विद्युत हादसे ने छीने दोनों हाथ
@आशीष बागड़ी
Deoli News 6 जून (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) देवली के रघुनाथपुरा में विद्युत निगम कर्मचारियों की कथित लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां राख कर दीं। दरअसल गत 2 जून को हुए एक हादसे में 11 हजार वोल्ट की चपेट में आए धनराज बैरवा ने अपने दोनों हाथ गंवा दिए हैं।
सिस्टम की इस बड़ी चूक ने न केवल एक युवक की शारीरिक क्षमता छीन ली, बल्कि उसके परिवार के भविष्य को भी अधर में लटका दिया है। प्रकरण के अनुसार घटना के दिन लाईनमैन जयशेखर के बुलावे पर धनराज गया था। लाईनमैन ने उसे भरोसा दिलाया कि बिजली की सप्लाई बंद कर दी गई है, लेकिन यह भरोसा एक मौत का जाल साबित हुआ। धनराज जैसे ही 2 के बाद तीसरे पोल पर चढ़ा, जीएसएस से अचानक सप्लाई चालू कर दी गई। इस दौरान 11 हजार वोल्ट का जोरदार झटका उसे पोल से नीचे खींच लाया। इस दर्दनाक हादसे में धनराज के हाथ और पैर बुरी तरह झुलस गए।
जयपुर के एसएमएस अस्पताल में शुक्रवार को हुए ऑपरेशन में डॉक्टरों को मजबूरी में धनराज के दोनों हाथ काटने पड़े। उसके पैरों में भी गहरे घाव हैं, जो उसकी पीड़ा को और बढ़ा रहे हैं। अस्पताल के बेड पर पड़ा धनराज अब अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी लड़ाई लड़ रहा है, लेकिन उसका दर्द सिर्फ शारीरिक नहीं, बल्कि भविष्य की चिंता का भी है।
बिखर गया घर का चिराग
गावड़ी ग्राम पंचायत प्रशासक बजरंग धाकड़ ने बताया कि पीड़ित परिवार के लिए यह वज्रपात जैसा है। धनराज अपने माता-पिता का छोटा बेटा है। वह शादीशुदा है और उसकी तीन छोटी-छोटी बेटियां हैं। सबसे मार्मिक बात यह है कि उसकी पत्नी वर्तमान में गर्भवती है। घर का एकमात्र सहारा अब अस्पताल के बिस्तर पर बेबस है। जो हाथ कल तक मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पेट पालते थे, आज वे नहीं रहे।
क्या लाईनमैन और जीएसएस कर्मचारियों की उस ‘जल्दबाजी’ या ‘लापरवाही’ की कीमत उनका बेटा पूरी जिंदगी चुकाएगा? सिस्टम की इस भेंट चढ़े युवक और उसके परिवार के सामने अब जीवन जीने की सबसे बड़ी चुनौती है। हालांकि गत दिनों परिजनों और प्रशासन के बीच सकारात्मक वार्ता हुई और यथासंभव मुआवजा देने का आश्वासन भी दिया गया। इसके अलावा दोषी लाइनमैन को एपीओ भी कर दिया गया। वही मामले की जांच भी शुरू कर दी गई। लेकिन यह सब कार्रवाई धनराज के दर्द के सामने बौनी है। वही गांवड़ी प्रशासक समेत ग्रामीणों के सहयोग से धनराज के लिए आर्थिक सहायता जुटाने के लिए ऑनलाइन मुहिम चलाई जा रही है।



