Tuesday, July 28, 2026
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HomeDainik Bureau Deskसिद्धचक्र विधान में गूंजे मंत्र, 1024 अर्घ अर्पित कर कल्याण की कामना

सिद्धचक्र विधान में गूंजे मंत्र, 1024 अर्घ अर्पित कर कल्याण की कामना

चातुर्मास कलश स्थापना बुधवार को


Deoli News 28 जुलाई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) श्री महावीर दिगम्बर जैन मंदिर में मुनि वैराग्य सागर एवं मुनि सुप्रभ सागर के सानिध्य में अष्टानिका महापर्व के आठवें दिन सिद्धचक्र महामंडल विधान के तहत 1024 अर्घ समर्पित किए गए। संतों ने अपने प्रवचन में बताया कि जब तीर्थंकर प्रभु को केवल ज्ञान प्राप्त होता है।

तब सौधर्म इंद्र प्रभु की 1008 नामों से स्तुति करता है। तीर्थंकर प्रभु के 1008 लक्षण भी होते हैं और उन्हीं गुणों को प्राप्त करने के लिए सभी ने सिद्ध भगवंतों की सहस्त्र नाम के साथ आराधना करते हुए 1024 विशेष अर्घ चढ़ाए। समाज अध्यक्ष संजय जैन एवं अंकित जैन डाबर ने बताया कि बुधवार को गुरुपूर्णिमा उत्सव मनाया जाएगा तथा दोपहर में संतों के सानिध्य में चातुर्मास कलश स्थापना होगी, जिसमें देवली का सकल जैन समाज भाग लेगा। इस अवसर पर प्रथम अभिषेक, शांतिधारा, मुनियों के पाद प्रक्षालन और शास्त्र भेंट का सौभाग्य महावीर कुमार एवं मनीष कुमार बाकलीवाल ने प्राप्त किया। विधान के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने सिद्ध परमेष्ठियों की आराधना कर विश्व शांति, राष्ट्र कल्याण और प्राणियों के मंगल की कामना की।

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