Desk News 23 अप्रैल (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) संसदीय क्षेत्र के सामान्य पर्यवेक्षक दीप्रवा लाकरा ने कहा कि टोंक-सवाई माधोपुर में 26 अप्रैल को दूसरे चरण में मतदान होगा। इसे लेकर आयोग द्वारा 72 घंटों की एसओपी की अक्षरशः पालना सुनिश्चित की जाए तथा चुनाव जैसे महत्वपूर्ण कार्य को बहुत ही संवेदनशीलता के साथ पूरा किया जाए।
वे मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में टोंक विधानसभाओं के एआरओ, पुलिस अधिकारियों, प्रकोष्ठ प्रभारियों एवं केंद्रीय पुलिस बल को आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि आयोग के निर्देशों के अनुरूप मतदान दलों की रवानगी, समय पर मॉक पोल, वास्तविक मतदान प्रारंभ किया जाये तथा निर्धारित प्रपत्रों में सूचना प्रेषित की जाए। निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण से जुड़ी टीमें, उड़न दस्तें, एसएसटी, वीएसटी एवं वीवीटी सर्तक रहे। विशेषकर संवेदनशील क्षेत्रों में या व्यय संवेदनशील पॉकेटों में निगरानी रखी जाए। ऐसी व्यवस्था हो, ताकि कम समय में प्रभावी रिस्पॉंस हो सकें।
जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. सौम्या झा ने कहा कि एआरओ, सेक्टर ऑफिसर व पुलिस के अधिकारी क्षेत्र में जाकर अपने सभी मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर लें तथा मतदान केंद्र पर सभी मूलभूत सुविधाओं को देख लेवें। उन्होंने कहा कि ईवीएम परिवहन के दौरान एसओपी की 100 प्रतिशत पालना सुनिश्चित की जाए। आवंटित वाहन में ही ईवीएम का परिवहन करे। मतदाता जागरूकता के लिए प्रत्येक मतदाता को बूथ पर लाने की कार्य योजना बनाई जाए। इसमें मतदान दिवस पर स्वीप वॉर रूम की विशेष भूमिका रहेगी। कम मतदान वाले मतदान केंद्रों, एफएसटी, एसएसटी की गतिविधियों, मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग, मतदान केंद्र पर 100 मीटर, 200 मीटर के साइनेज तथा कानून व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
एफएसटी व एसएसटी और अधिक सक्रिय रहे-पुलिस पर्यवेक्षक
पुलिस पर्यवेक्षक के. नारायण ने कहा कि मतदान के 72 घंटे पूर्व और अधिक चौकसी की आवश्यकता रहती है। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस विशेष निगरानी रखते हुए शिकायत मिलने पर तुरंत कार्यवाही करें। सभी वाहनों की चेकिंग समुचित की जाए तथा चुनाव के दौरान उपयोग में आने वाली सामग्री, शराब आदि के परिवहन को लेकर ध्यान रखा जाए तथा सीजर की प्रभावी कार्यवाही की जाए।



