राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ की मांग
Deoli News 8 जुलाई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर बुधवार को सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। देवली में अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ मुख्यमंत्री के नाम उपखण्ड अधिकारी देवली को ज्ञापन सौंपने पहुंची हैं।
लेकिन उपखंड अधिकारी नहीं होने से कार्यकर्ता धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने बताया कि भाजपा सरकार ने चुनाव के समय आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 13 हजार रुपए और सहायिकाओं का मानदेय 8 हजार रुपए करने का वादा किया था, लेकिन यह वादा अब तक पूरा नहीं हुआ है। अपनी मांगों के समर्थन में संघ ने यह भी स्पष्ट किया है कि मानदेय का भुगतान केंद्र और राज्य के टुकड़ों में होने के बजाय एकमुश्त किया जाए और इसका भुगतान हर महीने समय पर सुनिश्चित हो। कार्यकर्ताओं से आंगनबाड़ी के अलावा अन्य विभागों के गैर-आईसीडीएस कार्य करवाना बंद किया जाए और केवल विभाग से संबंधित कार्य ही लिए जाएं। साथ ही प्रोत्साहन राशि के समयबद्ध भुगतान की भी मांग की गई है।
अन्य प्रमुख मांगों में सेवानिवृत्ति पर मानदेय कर्मियों को 10 लाख रुपए का एकमुश्त भुगतान देना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत किए जाने वाले ऑनलाइन आवेदनों के लिए प्रोत्साहन राशि प्रदान करना शामिल है। देवली परियोजना की सभी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इन मांगों पर विचार कर इन्हें पूरा नहीं किया, तो उन्हें अनिश्चितकालीन हड़ताल और कार्य बहिष्कार करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
इस दौरान उषा गुप्ता, गुड्डी लक्षकार, ममता वर्मा, कौशल्या सोयल, सन्तरा सोयल, बिन्दू कौर, मधु शर्मा, सीमा जांगिड़, अनिता शर्मा, ममता कवर, ललिता पोरवाल, विमला नायक, अनिता जैन, संतोष मीणा, पुष्पा शर्मा, गीता माली और प्रेमलता आदि मौजूद हैं।


