(अवेयरनेस पॉइंट)
Deoli News 6 जुलाई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) मानसून सत्र के शुरू होते ही खेतों और बिलों में छिपे सांप बाहर निकलने लगे हैं, जिसके चलते राजकीय उप जिला अस्पताल देवली में स्नेक बाइट (सांप काटने) के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
अस्पताल की जानकारी के अनुसार पिछले तीन दिनों में स्नेक बाइट के सात मामले सामने आए हैं। इनमें से अधिकांश मरीजों को समय पर उपचार मिलने से उनकी जान बचा ली गई, हालांकि दो गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर करना पड़ा। उप जिला अस्पताल के प्रभारी डॉ. रविराज सिंह ने आमजन से कहा कि सांप काटने की स्थिति में तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचें, ताकि समय पर उपचार मिल सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल में स्नेक बाइट के लिए ट्रीटमेंट उपलब्ध है। डॉ. सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि अक्सर ग्रामीण इलाकों में लोग सांप काटने पर अस्पताल जाने के बजाय देवी-देवताओं, झाड़-फूंक या भभूत के चक्कर में पड़ जाते हैं, जो जानलेवा साबित हो सकता है।
उन्होंने बताया कि स्नेक बाइट के मामलों में जहरीले और बिना जहरीले दोनों तरह के केस हो सकते हैं, लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिना देरी किए चिकित्सा सहायता लेना ही एकमात्र सुरक्षित उपाय है।


