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पीएचईडी की 24 घंटे जलापूर्ति के लिए बिछी करीब ढाई किलोमीटर लाइन डिस्मेंटल
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उपकरण अब भी पोलों पर, जांच के बाद ही खुलेगा पूरा राज
Jahazpur News 3 जुलाई (मोहम्मद आज़ाद नेब) ग्राम पंचायत पंडेर में विद्युत निगम की लापरवाही और संभावित अनियमितता का बड़ा मामला सामने आया है। पीएचईडी की 24 घंटे पेयजल आपूर्ति योजना के लिए ग्रिड से ग्राम पंचायत पंडेर के तालाब तक बिछाई गई करीब 2 से 2.5 किलोमीटर लंबी विद्युत लाइन को चुपचाप डिस्मेंटल कर दिया गया।
इस लाइन पर करीब 35 से 40 विद्युत खम्बे लगे हुए हैं, लेकिन पोलों पर उपकरण लगे होने के बावजूद विद्युत तार पूरी तरह गायब हैं। ग्रामीणों के अनुसार यह लाइन कुछ रसूखदार लोगों के मकानों और खेतों के बीच से गुजर रही थी। आरोप है कि इन्हीं के दबाव में लाइन को हटाया गया, लेकिन इसकी भनक तक निगम अधिकारियों को नहीं लगी। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर लाखों रुपए की सरकारी संपत्ति बिना निगम जानकारी के कैसे गायब हो गई। जानकारी के अनुसार लाइन हटाए जाने के बाद भी खम्बों पर विद्युत उपकरण लगे हुए हैं, जबकि बीच की पूरी वायरिंग गायब है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि विद्युतकर्मियों और संबंधित ठेकेदार की मिलीभगत से निगम को लाखों रुपए का नुकसान पहुंचाया गया है।
मामले ने विभागीय निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि लाइन को विधिवत हटाया गया था तो उसका रिकॉर्ड कहां है, और यदि अवैध रूप से हटाई गई तो जिम्मेदारों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? एवीवीएनएल के एक्सईएन सी.पी. नागर ने कहा, “इस मामले की मुझे जानकारी नहीं है। पता करके बताता हूं।” वहीं जेईएन मनीष जांगिड़ ने कहा, “इस मामले की हमें जानकारी नहीं है। मौके पर जाकर इसकी जांच करेंगे।”



