Deoli News 20 फरवरी (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति एवं सिविल न्यायाधीश, न्यायिक मजिस्ट्रेट संयोगिता गहलोत व अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश, न्यायिक मजिस्ट्रेट देवली लोकेश कुमार मीना की अध्यक्षता में इस वर्ष की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन को लेकर मंगलवार को बैठक हुई।
समिति सचिव बृजमोहन शर्मा ने बताया कि न्यायाधीश गहलोत ने बताया कि लोक अदालत में धन वसूली, श्रम एवं नियोजन संबंधी विवाद, बिजली, पानी, टेलिफोन के बिलों के भुगतान से संबंधित भरण पोषण, राजीनामा योग्य फौजदारी प्रकरण, धारा 138 परकाम्य विलेख दीवानी वाद, इजराय, एमएसीटी प्रकरण, वैवाहिक विवाद (तलाक को छोड़कर), बालकों की अभिरक्षा से संबंधित प्रकरण, भूमि अधिग्रहण से संबंधित प्रकरण, वाणिज्यिक विवाद से संबंधित प्रकरण रखे जाएंगे। इसी तरह राजस्व मामले सीमाज्ञान, पत्थरगढ़ी, नामान्तरण, राजस्व अभिलेख में सुधार, डिवीजन ऑफ होडिंग, निषेधाज्ञा आदि प्रकरण के लंबित एवं प्रिलिटिगेशन प्रकरणों को रखा जा सकता है। न्यायाधीश लोकेश कुमार मीना ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उदेश्य न्यायालयों में लंबित अथवा प्रिलिटिगेशन राजीनामा योग्य प्रकरणों में पक्षकारों के बीच राजीनामे से प्रकरणों को निस्तारित करवाना है। जिससे पक्षकारों के धन एवं समय की बचत होती है। लोक अदालत से निस्तारित प्रकरण में किसी भी पक्षकार की न जीत होती है, न हार।
लोक अदालत से आमजन को सस्ता, सुलभ शीघ्र न्याय प्राप्त होता है। यहां प्रशासनिक एवं वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों को अधिक से अधिक प्रकरणों राष्ट्रीय लोक अदालत में रैफर किए जाने, प्रिकाउंसलिंग एवं डोर स्टेप काउंसलिंग के माध्यम से पक्षकारो के मध्य राजीनामा करवाने में सहयोग देने को कहा गया। इस बार राष्ट्रीय लोक अदालत आगामी 9 मार्च को आयोजित होगी।


