Jahazpur News 23 जून (आज़ाद नेब) जैन समाज के लोगों ने शनिवार को नगर के मुख्य मार्गों से घट यात्रा निकाल गर्भ कल्याणक महोत्सव मनाया। इसी के साथ लघु पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव शुरू हो गया।
घट यात्रा के दौरान महिलाएं सिर पर कलश धारण कर निकली। पीछे रथ पर सवार भगवान के माता-पिता चल रहे थे। घटयात्रा के गौतम आश्रम पहुंचने पर जैन समाज ने मुनि आदित्य सागर का पाद प्रक्षालन किया। महिलाएं नृत्य करते हुए चल रही थी। गुरुदेव के जयकारे करते हुए यात्रा में युवक ढोल पर नृत्य करते नजर आए। घटयात्रा के बाद महोत्सव स्थल पर मंडप का उद्घाटन शांतिलाल, रिषभ, ललिता, ट्विंकल बाकलीवाल तथा ध्वजारोहण पारसमल, मैना देवी, सौरभ, अक्षिता, समीक्षा सोगाणी पलासिया ने किया। मंडप शुद्ध के बाद प्रवचन हुए। यहां कलश की स्थापना की गई। श्रीजी अभिषेक व शांतिधारा के बाद महाराज का पाद प्रक्षालन किया। मुनि आदित्य सागर ने कहा कि पाषाण से भगवान बनने की सारी विधि कार्यक्रम में दिखाई जाएगी।
हम सभी भी इस नश्वर संसार से दूर भगवान बनें, यह सब पंचकल्याणक के माध्यम से दिखाया जाएगा। शनिवार रात अष्ट कुमारियों ने इंद्र एवं इंद्राणी के साथ नृत्य किया। प्रतिष्ठाचार्य पीयूष भैया ने कई धार्मिक कार्यक्रम संपन्न कराए। सकल दिगंबर जैन समाज के रिषभ बाकलीवाल ने बताया कि नेमिनाथ दिगंबर अतिशय तीर्थ क्षेत्र (बड़ा मंदिर) का लघु पंचकल्याणक व वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव आचार्य विशुद्ध सागर के शिष्य मुनि आदित्य सागर, अप्रमित सागर व मुनि सहज सागर के सानिध्य में चल रहा है। रात को 16 स्वप्न की क्रियाएं व गर्भ कल्याणक की क्रियाएं की गई।



