लापरवाही का आरोप
Deoli News 13 जुलाई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) राष्ट्रीय राजमार्ग दौलता मोड़ के समीप बीती रात करीब चार गौशालाओं के गौसेवकों ने अपनी जान पर खेल कर जिस गोवंश को बचाया। उन्हें कथित तौर सार्वजनिक गौशाला देवली के कर्मचारियों ने छोड़ दिया। लिहाजा गौसेवकों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। वही सार्वजनिक गौशाला की लापरवाही भी सामने आई है।
गौसेवक लोकेश ग्वाला, सूरज, मनीष ग्वाला ने बताया कि दर्जनों गौसेवकों ने शुक्रवार रात अजमेर बाईपास पर भीलवाड़ा की ओर से आए गोवंश से भरे कंटेनर को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कंटेनर के चालक ने तेज रफ्तार से वाहन निकाल लिया। वही गौसेवकों पर भी कंटेनर चढ़ाने का प्रयास किया। वाहन से टक्कर मारने की घटनाएं हर बार होती है, जिसमें जान जाने का खतरा रहता है। इसके बाद भगत सिंह गौशाला दूनी, मां बिजासन गौशाला कुचलवाड़ा, श्री श्याम गौशाला केकड़ी व सांवरिया सेठ गौशाला के कई सदस्य व सेवक कंटेनर का पीछा करते हुए दौलता मोड पहुंचे। जहां चालक वाहन छोड़कर भाग गया। वहीं जांच करने पर 19 गौवंश कंटेनर में पाया गया। इनमें गाये भी थी। सूचना पर देवली थाना पुलिस मौके पर पहुंची तथा कार्रवाई कर उक्त गोवंश को शनिवार सुबह करीब 5 बजे बस स्टैंड सार्वजनिक गौशालाओं को सुपुर्द किया गया।
वही देवली थाना पुलिस में मामले की रिपोर्ट दर्ज हुई। गौसेवकों ने आरोप लगाया कि जिन गोवंश को उन्होंने जान पर खेल कर बचाया है। उन गोवंश को सार्वजनिक गौशाला के कर्मचारियों ने गेट खोलकर छोड़ दिया, जो शनिवार को दिन भर बाजार में फिरता रहा। इसके बाद सांवरिया सेठ गौशाला के गौसेवको ने प्रयास कर एक-एक गोवंश को फिर से एकत्र किया। बताया गया कि फिलहाल 19 में से 18 गोवंश को गौसेवकों ने पकड़ लिया है। जिसे वापस गौशाला को सुपुर्द किया जा रहा है। लेकिन सार्वजनिक गौशाला के कर्मचारियों की हरकत से गोसेवको में नाराजगी है। उल्लेखनीय की हर बार यह गोसेवक अपनी जान की बाजी लगाकर गोवंश को बचाते हैं। लेकिन सार्वजनिक गौशाला के कर्मचारियों की इस हरकत से उन्हें ठेस पहुंची है।
उन्होंने प्रशासन से ऐसे कर्मचारियों को पाबंद करने की मांग की है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले गौसेवक परमेश्वर खटीक के गौतस्कर व पिकअप चालक ने टक्कर मार दी थी। वे घायल हो गए थे।


