@ राजेंद्र बागड़ी, आशीष बागड़ी
Deoli News 20 नवम्बर ( दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) देवली-उनियारा उपचुनाव के परिणाम 23 नवम्बर को आएंगे, इसमें बस अब दो दिन बचे है। इस बीच हार- लजीत को लेकर लोगों के कयास शुरू हो गए है। हालांकि ज्यादातर लोगों का अनुमान है कि मीणा वोटो के विभाजन से बीजेपी को फायदा होगा।
लेकिन संशय ये भी है कि यदि निर्दलीय नरेश मीणा बीजेपी-कांग्रेस दोनो के वोट लेने में सफल रहे तो परिणाम कुछ भी संभव है। विधानसभा क्षेत्र में सबसे खास बात ये रही कि इस चुनाव में कम मतदान हुआ। वर्ष 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में 68 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाले। जबकि हाल में हुए उपचुनाव में 63 फीसदी ही मतदान हुआ। कुल मिलाकर उपचुनाव में 5 फीसदी मतदान कम हुआ। यानि गत चुनावों के मुकाबले करीब 10 हजार मत कम गिरे। ये असर किस ओर जाएगा, फिलहाल ये अंदाजा लगाना मुश्किल है लेकिन ये साफ है कि चुनाव उदासीन रहे। अब उनियारा क्षेत्र की मीणा बहुल पंचायतों का औसत देखे तो उस इलाको में 85 से 90 फीसदी मतदान हुआ है। जबकि देवली क्षेत्र में औसतन मतदान 75 फीसदी रहा। गुर्जर मतदाताओं के क्षेत्रों में अपेक्षाकृत थोड़ा कम मतदान होना बीजेपी के लिए चिंताजनक है।
हालांकि ओबीसी मतदाताओं का अधिकांश झुकाव बीजेपी की ओर नजर आया। लेकिन एससी मतदाताओं का अधिकांश झुकाव कांग्रेस के पक्ष में नजर आने का अनुमान है। जनरल मतदाताओं में इस बार मतदान के प्रति उदासीनता देखी गई। ब्याह- सावों, खेती- किसानी, फसलों की बुवाई, सिंचाई, व्यापारियों के लिए सीजन का कारोबार जैसे क़ई मुद्दे है, जिनसे जनरल मतदाताओं में उत्साह की कमी देखी गई। विधानसभा क्षेत्र में कुल 3 लाख 3 हजार मतदाताओं में से एक लाख 90 हजार वोट डाले गए है। उनियारा के समरावता ने हुए थप्पड़ कांड के बाद प्रतिक्रिया स्वरूप वोटों का रुझान किस तरफ गया। ये भी ध्यान देने की बात है।
राजनीतिक तौर पर ये कहना फिलहाल मुश्किल है कि कौन जीतेगा लेकिन 70 हजार एसटी मतदाताओं के विभाजन का लाभ बीजेपी उम्मीदवार को मिलना तय है। खबर तो ये भी है कि बीजेपी के परम्परागत मतदाताओ में भी कुछ हद तक विभाजन हुआ है। लेकिन सवाल फिर वहीं है कि वोटों का ज्यादातर हिस्सा किसे मिला, वहीं जीत का आधार बनेगा। यूँ तो देवली डूब की पंचायतों से बीजेपी हमेशा लीड लेकर आती रही है और इस बार भी बीजेपी लीड लेकर आएगी, इसमें संशय नही है लेकिन असली खेल देवली के गुर्जर-मीणा बहुल क्षेत्रों में होगा, जो देखना दिलचस्प होगा। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के तत्कालीन प्रत्याशी हरीश मीना उनियारा बेल्ट से निर्णायक बढ़त लेकर जीते थे, लिहाजा हार-जीत का फैसला उनियारा क्षेत्र से ही होगा।



