Deoli News 4 दिसंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) टोंक-सवाई माधोपुर सांसद हरीश चन्द्र मीना ने लोकसभा में पूछे गए अपने प्रश्न संख्या 192 पर वन मंत्रालय द्वारा दिए गए उत्तर पर गहरी आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे तथ्यों से परे, अधूरा और भ्रामक बताया है।
मीना ने इसे लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजीजू से मिलकर पूरे प्रकरण की पुनः जांच और तथ्यात्मक स्पष्टीकरण की मांग की है। उन्होंने कहा कि रणथम्भौर टाइगर रिज़र्व में मई 2025 के दौरान हुई गतिविधियों, रात्रिकालीन सफारी, कृत्रिम रोशनी के उपयोग और एनटीसीए दिशा-निर्देश 2012 के संभावित उल्लंघन के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर मंत्रालय ने विरोधाभासी उत्तर बार दिया है। मीना ने बताया कि मंत्रालय ने उत्तर में कहा है कि सफारी समय नहीं बढ़ाया गया, जबकि मीडिया में प्रकाशित वीडियो, सोशल मीडिया फुटेज, स्थानीय गाइडों और पर्यटकों के बयान स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि रात्रि में वाहनों की आवाजाही हुई और टाइगर साइटिंग के दौरान तेज रोशनी का उपयोग किया गया, जो सीधे-सीधे दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है।
सांसद ने कहा कि निर्धारित समय के बाद भी वाहनों की मूवमेंट, प्रकाश का उपयोग, और टाइगर साइटिंग के लिए भीड़ जुटाने जैसी गतिविधियाँ लंबे समय से हो रही हैं, लेकिन मंत्रालय ने अपने उत्तर में इन गंभीर शिकायतों को नज़र अंदाज कर दिया। मीना ने लोकसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया है कि प्रश्न संख्या 192 के उत्तर की पुनः समीक्षा की जाए और संबंधित मंत्रालय को निर्देशित किया जाए कि वह सटीक, प्रमाणित और पूर्ण जानकारी सदन में पेश करे।

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