लाखों की सोनोग्राफी मशीन बनी सफेद हाथी…
Deoli News 12 मार्च (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) राजकीय उप जिला अस्पताल में क्षेत्रीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए नई सोनोग्राफी मशीन उपलब्ध करा दी गई है। अस्पताल में मशीन का आगमन और उसे तैयार हुए कई महीने बीत चुके हैं।
लेकिन वर्तमान में यह अत्याधुनिक मशीन एक बंद कमरे की शोभा बढ़ा रही है। इसका मुख्य कारण अस्पताल में किसी ‘सोनोलॉजिस्ट’ (सोनोग्राफी विशेषज्ञ चिकित्सक) का उपलब्ध न होना है। चिकित्सा विज्ञान में सोनोलॉजिस्ट ही वह विशेषज्ञ होता है, जो मशीन के माध्यम से शरीर के आंतरिक अंगों की जांच कर बीमारियों का विश्लेषण करता है। उनके अभाव में लाखों रुपए की लागत से आई यह मशीन आम जनता के लिए पूरी तरह अनुपयोगी साबित हो रही है। दरअसल सोनोग्राफी मशीन स्वास्थ्य जांच के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण है, जिसके माध्यम से पेट के रोगों, पथरी, लीवर की स्थिति और विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की निगरानी की जाती है।
इस सुविधा के चालू होने से स्थानीय मरीजों को लाभ मिलेगा और गंभीर बीमारियों का समय पर पता लगाकर उपचार शुरू किया जा सकेगा। उप जिला अस्पताल देवली के चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. राजकुमार गुप्ता के अनुसार विभाग द्वारा मशीन की सभी तकनीकी औपचारिकताएं पूरी कर उसे स्थापित किया जा चुका है। मशीन संचालन के लिए तैयार है, लेकिन सोनोलॉजिस्ट की नियुक्ति नहीं होने के चलते अभी तक मरीजों को इसका लाभ मिलना शुरू नहीं हो पाया है। नई नियुक्ति के बाद ही सोनोग्राफी मशीन शुरू हो सकेगी। लोगों ने शासन व प्रशासन से मांग की है कि सोनोग्राफी मशीन की सुविधा जल्दी शुरू की जाए।



