जेवर व नकदी पार
Deoli News 21 मार्च (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) दूनी थाना क्षेत्र के आवां कस्बे में शुक्रवार रात चोरों ने उत्पात मचाया। बेखौफ चोरों ने एक ही रात में तीन अलग-अलग मकानों को अपना निशाना बनाया और वहां से सोने-चांदी के जेवर तथा नकदी बटोर ले गए।
शनिवार सुबह जब पीड़ितों की आंख खुली और घर का सामान बिखरा देखा, तब वारदात का पता चला।
कमरों की बाहर से लगाई कुंडी
चोरी की सबसे बड़ी वारदात रैगर मोहल्ला वार्ड नं चार निवासी शंकर पुत्र महावीर रैगर के यहाँ हुई। पीड़ित शंकर ने बताया कि वह परिवार के साथ छत पर सोया हुआ था, जबकि उसकी मां चौक में और छोटा भाई नीचे वाले कमरे में सो रहे थे। आधी रात के बाद अज्ञात चोरों ने पड़ोस के मकान की दीवार फांदकर प्रवेश किया। चोरों ने सबसे पहले भाइयों के कमरों के दरवाजों की कुंडी बाहर से बंद कर दी, ताकि कोई बाहर न आ सके। इसके बाद चोरों ने कमरे में रखे सूटकेस और बाइकों की चाबियां उठा लीं। सूटकेस में रखा आधा तोला सोने का मंगलसूत्र, एक जोड़ी पायजेब, आधा किलो वजनी चांदी की कनकती सहित अन्य जेवर गायब मिले।
गरीब परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
चोरों ने शंकर रैगर के अलावा पास ही रहने वाले ओंकार भील के मकान को भी निशाना बनाया और वहां से करीब 15 हजार रुपए की नकदी चुरा ली। साथ ही जगदीश के पुत्र के मकान के भी ताले तोड़े गए और वहां भी चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। विशेष बात यह है कि तीनों पीड़ित परिवार बेहद गरीब हैं और मजदूरी करके अपना जीवन यापन करते हैं। इस चोरी ने इन परिवारों के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है। सूचना पर दूनी प्रशिक्षु डीएसपी गौरव गुर्जर, हेड कांस्टेबल राजेश कुमार और एएसआई उदयलाल शनिवार सुबह मौके पर पहुंचे और जायजा लिया। पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक लैब की टीम को भी मौके पर बुलाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि आवां पुलिस चौकी केवल ‘राम भरोसे’ चल रही है। ग्रामीणों ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि चौकी के स्टाफ को अक्सर दूनी थाने बुला लिया जाता है, जिससे कस्बे में सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे रहती है। रात्रि गश्त के नाम पर खानापूर्ति की जाती है। जिसका फायदा उठाकर चोर आसानी से वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
पौने दो साल पुराने घाव फिर हुए हरे
आवां कस्बे में हुई इस ताजा वारदात ने पुलिस की पुराने मामलों में विफलता को भी उजागर कर दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि करीब पौने दो साल पहले पुलिस चौकी से महज 200 मीटर की दूरी पर रहने वाले सुरेंद्र (बबलू शेर) के घर से भी चार लाख की चोरी हुई थी। विडंबना यह है कि पीड़ित खुद एक ‘पुलिस मित्र’ है और वारदात वाली रात वह चौकी में ही सो रहा था, फिर भी पुलिस आज तक उस मामले का खुलासा नहीं कर पाई है। ग्रामीणों का कहना है कि जब पुलिस मित्र ही सुरक्षित नहीं हैं और पुराने मामले अनसुलझे हैं, तो आम जनता की सुरक्षा जगजाहिर है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।



