कागजों में नॉन-वेंडिंग, सड़कों पर फुल वेंडिंग
लोगों का कहना-कम से कम सही जगह तो हो खड़े
Deoli News 1 जुलाई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शहर की यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने के लिए कुछ वर्षों पहले पेट्रोल पंप चौराहे से छतरी चौराहे तक घोषित किया गया नॉन-वेंडिंग जोन पूरी तरह बेअसर साबित हो रहा है। यह योजना जब से शुरू की गई, तब से इसकी पालना नहीं हुई।
प्रशासन द्वारा हाथ ठेलों के बेतरतीब संचालन को रोकने के लिए बनाए गए नियम और जुर्माने के प्रावधान केवल कागजों तक ही सीमित रह गए हैं, जिसका सीधा खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। बाजार में ठेलों की भरमार और उनकी मनमर्जी से खड़े होने की प्रवृत्ति के कारण शहर के मुख्य रास्ते पूरी तरह अवरुद्ध हो चुके हैं। स्थिति यह है कि सड़कों के मोड़ों पर ठेले ऐसे काबिज हो गए हैं, जैसे वे पक्की दुकानें हों। इससे न केवल पैदल चलने वाले राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां पुलिस थाने के करीब मोड पर खड़े ठेले भी जाम की वजह है। जबकि यहां से दिनभर रोडवेज जो निजी बसें गुजरती है। वही हाल ही में यहां एसबीआई बैंक भी शुरू हुआ है। आखिर यातायात पुलिस भी कितना भी प्रयास करें, लेकिन मनमर्जी इन पर भारी पड़ रही है।
शहर के लोगों की नाराजगी इस बात को लेकर भी है कि एक ही व्यक्ति द्वारा मुख्य बाजार में दो-दो ठेले संचालित किए जा रहे हैं, जिससे अव्यवस्था और अधिक बढ़ गई है। लोगों ने नवनियुक्त अधिशासी अधिकारी अमरचंद गुर्जर से इस लचर व्यवस्था को सुधारने की मांग की है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि यदि प्रशासन द्वारा पूर्व में घोषित नियमों की सख्ती से पालना नहीं करवाई गई, तो शहर का यातायात और अधिक दयनीय हो जाएगा।
लोगों का कहना है कि नॉन वेंडिंग जोन की पालना न हो तो कोई बात नहीं, लेकिन कम से कम ठेलों के खड़े होने के लिए उचित स्थान और समय निर्धारित किया जाना चाहिए, ताकि बाजार में व्याप्त इस अव्यवस्था पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके। वही इन लोगों का धंधा चौपट ना हो। यही हाल रोडवेज बस स्टैंड का भी है।


