Deoli News 25 दिसंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) मौजूदा वर्ष 2023 खत्म होने को है। वही पुलिस उपाधीक्षक सर्कल की सभी थाना पुलिस अपने रिकार्ड को संधारित करने में लगी है। लेकिन कई बार सुर्खियों में आने के बावजूद देवली थाने में चल रही स्टाफ की कमी को पूरा नहीं किया गया। ऐसे में उम्मीद है कि अब नए वर्ष में शायद यह कमी पूर्ति होगी।
दरअसल बीजेपी सरकार के मुख्यमंत्री के महिला अत्याचार व गुंडागर्दी रोकने के टास्क को आखिर पुलिस कैसे पूरा कर पाएगी। दरअसल आज भी देवली थाने में बरसों पुरानी स्वीकृत नफरी के आधार पर ही पुलिसकर्मी नियुक्त किया जा रहे हैं। जबकि पिछले कई वर्षों के मुकाबले पुलिस के कामकाज में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। लेकिन बढ़ोतरी के मुकाबले पुलिसकर्मियों व अनुसंधान अधिकारियों की नियुक्ति न के बराबर हुई है। यहां थाने में मौजूदा समय में 40 की नफरी स्वीकृत है। जबकि इसकी संख्या 60 होनी चाहिए। वहीं पिछले दिनों स्वीकृत हुए नए पुलिस थाने व जिलों में भी यहां से पुलिसकर्मी हटाकर लगा दिए गए हैं। कई बार हालत यह रहती है कि थाने के पास गश्त करने के लिए पुलिसकर्मी तक नहीं होते हैं।
ऐसे में आखिर बिना श्रम शक्ति के कैसे पुलिसकर्मी अपना काम पूरा कर पाएंगे। पुलिस के पास ढेरों काम है। कई बार उच्च अधिकारी यह कहते हुए दिखे की थाने में कार्यरत पुलिसकर्मियों व अधिकारियों को तनाव मुक्त बनाना उनका उद्देश्य है। लेकिन इस तनाव की ओर पुलिस उच्च अधिकारियों का ध्यान नहीं है। जबकि पुलिसकर्मियों की कमी के चलते देवली थाने की रात्रिकालीन गश्त भी होमगार्ड के जवानों पर निर्भर है।
यह पद चल रहे हैं खाली
जानकारी के अनुसार देवली थाने में पिछले काफी समय से उपनिरीक्षक से लेकर पुलिसकर्मी तक के पद खाली चल रहे है। इनमें उप निरीक्षक का एक पद रिक्त है। जबकि सहायक उपनिरीक्षक के 9 पद खाली चल रहे हैं। इसी तरह हेड कांस्टेबल के तीन व कांस्टेबल के 5 पद रिक्त है। चौकिया में पुलिसकर्मियों के अभाव से कामकाज प्रभावित हो रहे हैं।



