Deoli News 19 नवंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ ने, प्रदेश के कर्मचारियों द्वारा प्रशासनिक एवं मानसिक प्रताड़ना से तनाव ग्रस्त होकर की जा रही आत्महत्या की हृदय विदारक घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने एवं घटना के दोषियों को सजा दिलवाने की मांग की है।

इसे लेकर बुधवार को महासंघ ने मुख्य सचिव के नाम देवली एसडीओ रूबी अंसार को ज्ञापन दिया है। ज्ञापन में कहा कि शासन एवं सरकार के कुछ अधिकारी अव्यावहारिक एवं असंवेदनशील प्रशासनिक गतिविधियों की पराकाष्ठा करते हुए कर्मचारियों को इतनी अधिक प्रशासनिक प्रताडना दे रहे हैं कि अति संवेदनशील कर्मचारी विवश होकर जीवन के संघर्ष में हार मानते हुए आत्महत्या जैसे हृदय विदारक कदम उठा रहे हैं। महासंघ की मांग है कि हाल ही में इस दबाव से दोनों कर्मचारियों की हत्या के दोषियों की आगामी सात दिन में गिरफ्तारी सुनिश्चित करने, मृतक दोनों कर्मचारियों के परिजनों को न्यूनतम 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने, सोशल मिडिया प्लेटफॉर्मेंस यथा व्हाट्सएप ग्रुप पर दी जाने वाली प्रशासनिक कार्रवाई की धमकियों एवं लक्ष्य आधारित कार्यभार पर पूर्ण रोक लगाई जाने और राजकीय अवकाशों को कार्य दिवस बनाने की प्रथा पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाने की मांग की गई।
वही इसके विरोध में आंदोलन किया जाएगा। इसके तहत महासंघ का प्रदेश स्तरीय प्रतिनिधि मंडल मुख्य सचिव को ज्ञापन देगा, महासंघ से जुड़े कर्मचारी काली पट्टी बांधकर दायित्व निर्वहन करेंगे, प्रत्येक निर्वाचन अधिकारी व उपखंड अधिकारी कार्यालय पर श्रद्धांजलि सभा और आक्रोश प्रदर्शन होगा। इस दौरान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष किशन गर्ग, ब्लॉक महामंत्री ओमप्रकाश प्रजापत, जिला उपाध्यक्ष टोंक ग्राम विकास अधिकारी संघ शिवबालक शर्मा एवं अन्य कई संघटनों के कर्मचारी मौजूद थे।
ज्ञापन में बताया कि प्रशासनिक और मानसिक प्रताड़ना से आहत होकर भीलवाड़ा के शाहपुरा ग्राम विकास अधिकारी शंकर लाल मीणा और झोटवाड़ा के बीएलओ मुकेश कुमार जांगिड़ ने आत्महत्या कर ली थी।


