Deoli News 31 जनवरी (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शहर के जयपुर रोड स्थित जांगिड़ छात्रावास में शनिवार को जांगिड़ समाज द्वारा सृजन व शिल्प के देव भगवान विश्वकर्मा की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई।
यहां पूरा छात्रावास परिसर आस्थामय रहा। कार्यक्रम की शुरुआत महिलाओं द्वारा भगवान विश्वकर्मा की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई, जिसके बाद महिलाओं ने भजनों और लोक गीतों की प्रस्तुतियां दी। समाज के पूर्व अध्यक्ष दुर्गालाल जांगिड़ (टाकावास) ने बताया कि भगवान विश्वकर्मा उस दिव्य शिल्पी के रूप में पूजनीय हैं, जिन्होंने स्वर्गलोक के महलों का निर्माण करने के साथ-साथ भगवान शिव का त्रिशूल, भगवान विष्णु का सुदर्शन चक्र और देवराज इंद्र का वज्र सहित शक्तिशाली शस्त्रों को तैयार किया था। वे सभी तकनीकी ज्ञान और कला के मूल आधार हैं। जयंती समारोह में समाज की नई कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया शुरू हुई।
जांगिड़ समाज में प्रत्येक तीन वर्ष के कार्यकाल के बाद नए अध्यक्ष का चुनाव करने की परंपरा है। शनिवार को आयोजित बैठक में समाज के सभी बंधुओं ने एकजुट होकर सर्वसम्मति से पटेल नगर निवासी गणेश नारायण जांगिड़ को नया अध्यक्ष निर्वाचित किया। इस अवसर पर महेश चंद जांगिड़, सागरमल जांगिड़, नाथूलाल जांगिड़, बाबूलाल, भंवरलाल, राजूलाल, महावीर प्रसाद, नवल कुमार और कैलाश चंद्र सहित मौजूद थे। सभी उपस्थित सदस्यों ने नए अध्यक्ष को बधाई देते हुए समाज के विकास और एकता को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।



