मानसून कमजोर रहा तो होगा जल संकट
@आशीष बागड़ी
Deoli News 21 जून (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) राजधानी जयपुर समेत टोंक, अजमेर जिले की पानी की आपूर्ति करने वाले क्षेत्र के बीसलपुर बांध में जलस्तर लगातार घटता जा रहा है। ऐसे में यदि मौजूदा सत्र में मानसून कमजोर रहा तो इस वर्ष जल संकट से गुजरना पड़ सकता है।
बीसलपुर कंट्रोल रूम की सूचना के मुताबिक शुक्रवार सुबह 6 बजे डेम का जल स्तर आरएल 309.81 मीटर रह गया। इस जलस्तर के अनुसार बांध में 10.285 टीएमसी पानी शेष रह गया है। जबकि क्षेत्र में बारिश शून्य रिकॉर्ड दर्ज की गई है। नियंत्रण कक्ष के अनुसार 20 जून को यह जलस्तर 309.84 आरएल मीटर था। वहीं 19 जून को 309.87, 18 जून को 309.87, 17 जून को 309.91 तथा गत 16 जून को 309.93 आरएल मीटर डैम का जलस्तर था। इस जलस्तर को देखा जाए तो प्रतिदिन दो सेमी पानी की कमी हो रही है। जबकि गुरुवार से शुक्रवार के बीच तीन सेमी पानी कम हुआ है। जानकारी के मुताबिक डेम में अब केवल 10 माह से भी कम का पानी शेष बचा है। दरअसल इसकी वजह पिछले वर्ष मानसून सत्र कमजोर रहा था।
प्रतिदिन 2 से 3 सेंटीमीटर के बीच होने वाली पानी की कमी प्रतिदिन की जलापूर्ति, पानी की चोरी व वाष्पीकरण है। जून माह में प्रति दिन साढ़े 9 हजार लीटर पानी वाष्प बनकर उड़ता है। ऐसा परियोजना के अभियंताओं का अनुमान है। लिहाजा मौजूदा सत्र में यदि मानसून कमजोर रहा तो कम से कम इन तीन जिलों के लोगों को जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। गौरतलब है कि जयपुर, अजमेर व टोंक को प्रतिदिन 1000 एमएलडी पानी की आपूर्ति दी जाती है। इनमें सर्वाधिक जयपुर है। जिसे 650 एमएलडी पानी दिया जाता है। इसी तरह अजमेर को 300 एवं टोंक को 50 एमएलडी पानी मिलता है। उल्लेखनीय है कि बीसलपुर बांध अब तक छह बार पूर्ण भराव क्षमता को छुआ है। वर्ष 1999 में बनकर तैयार हुआ था। वहीं 2020 में स्काडा सिस्टम के जरिए पानी की निकासी की गई थी। यह एक कंप्यूटराइज्ड सिस्टम है। जिससे पानी की निकासी एवं बांध में हो रही पानी की आवक की पल-पल की खबर रहती है। बता दे कि बीसलपुर बांध को 6 जिलों से पानी की आवक होती है।



