Deoli News 11 जनवरी (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शहर में अतिरिक्त मुख्य न्यायाधीश मजिस्ट्रेट एवं न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय खुलवाने की मांग को लेकर देवली बार संघ अध्यक्ष रामधन चौधरी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी को ज्ञापन सौपा है।
ज्ञापन में बताया कि देवली में वर्ष 1992 में न्यायालय सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट की स्थापना की गई थी। तब से लेकर आज तक कि न्यायालय के क्षेत्राधिकार को क्रमोन्नत नहीं किया गया। वर्तमान में देवली में संचालित न्यायालय में 400 सिविल मुकदमे एवं 3500 आपराधिक मुकदमे विचाराधीन है। साथ ही दूनी न्यायिक मजिस्ट्रेट में करीब 1300 मुकदमे विचाराधीन है। ऐसे में देवली उपखंड के सभी न्यायालय में 5000 से अधिक मुकदमे चल रहे हैं। इसके बावजूद देवली में एसीजेएम और एडीजी कोर्ट की स्थापना नहीं की गई।
जबकि अभिभाषक संघ एवं आमजन लगातार यह दोनों न्यायालय खुलवाने के लिए मांग करता आ रहा है। ज्ञापन में बताया कि दोनों कोर्ट खोलने के लिए देवली सभी मापदंडों को पूरा करता है। वहीं वर्तमान में डेढ़ सौ से अधिक अधिवक्ता देवली उपखंड में नियमित रूप से वकालत कर रहे हैं। जबकि देवली उपखंड क्षेत्र के चार पुलिस थानों में देवली, नासिरदा, दूनी व घाड़ एवं एक क्षेत्राधिकार में 4 न्यायिक न्यायालय संचालित है। वर्तमान में देवली मुख्यालय पर न्यायिक मजिस्ट्रेट, अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं ग्राम न्यायालय संचालित किया जा रहे हैं। जिनमें से किसी को भी न्यायालय को क्रमोन्नत करने से राज्य सरकार के अतिरिक्त बजट पर कोई भाड़ नहीं पड़ेगा।
वही पक्षकारों को सस्ता एवं सुलभ न्याय मिल सकेगा। ज्ञापन सपने में अधिवक्ता बाबूलाल मीणा, भारत सिंह सोलंकी, धर्मराज गुर्जर, मुकेश मीणा, शिवराज मीणा, छाया चौधरी, नरेंद्र वर्मा समेत मौजूद थे।


