Jahazpur News 28 जून (मोहम्मद आजाद नेब) खजूरी की शिवाजी कॉलोनी में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। यहां मात्र 15 वर्षीय बालव्यास राधे कृष्ण (कोटड़ी) ने अपनी वाणी से भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का ऐसा भावपूर्ण वर्णन किया कि उपस्थित श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।
उन्होंने भगवान के बाल स्वरूप, माखन चोरी, गोचारण, कालिय नाग दमन और गोप-गोपियों के साथ दिव्य लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण की प्रत्येक लीला प्रेम, करुणा, धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि अहंकार का त्याग कर प्रभु की शरण में जाने से ही वास्तविक सुख और शांति प्राप्त होती है। कथा के दौरान गिरिराज पूजन का प्रसंग पूरी श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ, जहाँ श्रद्धालुओं ने प्रकृति संरक्षण, गौसेवा और धर्म के प्रति समर्पित रहने का संकल्प लिया। इसके बाद सजी छप्पन भोग की झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही।
कार्यक्रम के अंत में भजन-कीर्तन और महाआरती के साथ सभी ने मंगलमय जीवन की कामना की। आयोजक पं रामगोपाल भट्ट ने बताया कि सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन 30 जून तक प्रतिदिन जारी रहेगा।


