अस्त्र-शस्त्र के प्रदर्शन एवं ध्वनि विस्तार यंत्रों पर रहेगा प्रतिबंध
Desk News 21 मई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) लोकसभा चुनाव के तहत 4 जून को मतगणना शांतिपूर्वक, स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने के लिए टोंक जिले की राजस्व सीमा में दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट डॉ. सौम्या झा ने निषेधाज्ञा लागू की है।
जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि निषेधाज्ञा के दौरान कोई भी व्यक्ति विस्फोटक पदार्थ, रासायनिक पदार्थ, आग्नेय अस्त्र-शस्त्र, जैसे- रिवॉल्वर, पिस्टल, बंदूक, एमएल गन, बीएल गन आदि एवं अन्य हथियार धारदार हथियार, जो किसी धातु के शस्त्र के रूप में बना हो आदि पर प्रतिबंध रहेगा। वहीं विधि द्वारा प्रतिबंधित हथियार और मोटे घातक हथियार-लाठी आदि सार्वजनिक स्थानों पर धारण कर न तो घूमेगा, न ही प्रदर्शन करेगा। उन्होंने बताया कि यह आदेश, ड्यूटी पर तैनात सीमा सुरक्षा बल, राजस्थान सशस्त्र पुलिस बल, राजस्थान सिविल पुलिस, चुनाव ड्यूटी में तैनात अर्द्धसैनिक बल, होमगार्ड एवं चुनाव ड्यूटी में मतदान दलों में तैनात अधिकारियों, कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा।
वहीं टोंक जिले से बाहर का कोई भी व्यक्ति टोंक जिले की सीमा में इस तरह के हथियारों को अपने साथ नहीं लाएगा और न ही सार्वजनिक स्थानों पर प्रयोग या प्रदर्शन करेगा। जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि कोई भी व्यक्ति संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेट की स्वीकृति के बिना किसी भी सार्वजनिक स्थल पर कोई भी जुलूस, सभा, धरना, भाषण आदि का आयोजन नहीं करेगा और न ही ध्वनि प्रसारण यंत्र का प्रयोग करेगा। ध्वनि प्रसारण यंत्र के लिए संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेट द्वारा सुबह 6 से रात्रि 10 बजे तक के लिए दी जा सकेगी। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति सांप्रदायिक सद्भावना को ठेस पहुँचाने वाले तथा भड़काऊ नारे नहीं लगाएगा। इसी प्रकार भाषण, उद्बोधन देगा, पंपलेट, पोस्टर या अन्य प्रकार की सामग्री प्रकाशित कराएगा। वही सोशल मीडिया के प्लेटफार्म पर भी धार्मिक उन्माद फैलाने वालों पर कार्रवाई होगी। सूखा दिवस पर मदिरा-विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
200 मीटर की सीमा में रहेगा प्रतिबंध
जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि कोई भी व्यक्ति मतगणना दिवस पर मतगणना केंद्र से 200 मीटर की परिधि के अंदर किसी भी तरह के मोबाइल फोन, सेल फोन, वायरलैस का उपयोग नहीं करेगा, न ही लेकर चलेगा। विशेष अनुमति प्राप्त चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारियों, कार्मिकों एवं पुलिसकर्मियों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। यह आदेश 6 जून को शाम तक प्रभावी रहेगा। निषेधाज्ञा की अवहेलना या उल्लंघन किए जाने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत दंडित करवाया जाएगा।



