Desk News 28 अप्रैल (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) देश में बड़ी संख्या वॉट्सऐप चलाने वाले लोगों है। वही मैसेंजर सर्विस में व्हाट्सएप ने भारत में खूब नाम भी कमाया है। मौजूदा में वॉट्सऐप में मैसेज एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड होते हैं।
इसका अर्थ है कि भेजे गए मैसेज की जानकारी सिर्फ भेजने वाले और उसे पाने वाले के पास होती है। कोई थर्ड पार्टी इन मैसेज को नहीं देख सकती है। लेकिन व्हाट्सएप प्रबंधन का कहना है कि अगर उसे एन्क्रिप्शन तोड़ने के लिए मजबूर किया जाता है, तो वह भारत में अपना काम बंद कर सकती है।
व्हाट्सएप कंपनी ने दिल्ली हाई कोर्ट में दी चुनौती
व्हाट्सएप और इसकी पैरेंट कंपनी मेटा (Meta) ने 2021 में देश में लाए गए इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी नियमों को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट में गत गुरुवार को दोनों की याचिकाओं पर सुनवाई हुई। आईटी नियमों में कहा गया है कि सोशल मीडिया मैसेजिंग कंपनियों के लिए किसी चैट का पता लगाने और मैसेज को सबसे पहले क्रिएट करने वाले शख्स का पता लगाने के लिए प्रावधान करना जरूरी होगा।
मेटा के स्वामित्व वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप के वकील ने कहा कि लोग व्हाट्सएप का इस्तेमाल इसकी प्राइवेसी वाली खूबी के लिए करते हैं। वे जानते हैं कि इस पर भेजे जाने वाले मैसेज और तो एंड इंक्रिप्शन होते हैं। यदि इस प्राइवेसी को खत्म करने के लिए दबाव बनाया जाता है तो व्हाट्सएप भारत में काम बंद कर सकती है।



