Deoli News 11 सितंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) दशलक्षण महापर्व के चौथे दिन के उत्तम शौच के अवसर पर श्री चंद्रप्रभु दिगम्बर जैन मन्दिर में विराजित विभिन्न प्रतिमाओं का अभिषेक व शांतिधारा की गई।
इस दौरान शांतिधारा प्रहलाद राय, महावीर जैन एवं कमल कुमार आशु कुमार की ओर से की गई। वहीं तत्वार्थसूत्र विधान के चौथे दिन 42 अर्घ की पूजा की गई। समाज की ओर से पुष्पदंत भगवान के मोक्षकल्याणक पर लड्डू चढाया गया। बुधवार को महाआरती अशोक सर्राफ की ओर से चंद्रप्रभु मन्दिर की गई। यह जानकारी समाज के प्रवक्ता चांदमल जैन सर्राफ ने दी। इसी प्रकार पर्वाधिराज दसलक्षण पर्व के पावन दिवस एवं भगवान पुष्पदन्तनाथ के मोक्ष कल्याणक के अवसर पर श्रीमहावीर मंदिर देवली में उत्तम शौच धर्म की की गई। पं नितेश भैया के सानिध्य में विधान का आयोजन हुआ। उत्तम शौच धर्म हमे यह शिक्षा देता है कि लोभी व्यक्ति कभी भी सुख-शांति प्राप्त नहीं कर सकता। जबकि संतोषी व्यक्ति जितना संतुष्ट होता है, उतना ही सुखी रहता है।
हमें अपने जीवन में संतोष धारण करने के प्रयास निरन्तर करने चाहिए। इस दौरान सर्वप्रथम मूलनायक महावीर स्वामी का अभिषेक एवं शांतिधारा का पूण्य राजेन्द्र कुमार, प्रदीप कुमार लुहाड़िया एवं योगेन्द्र कुमार, आशीष कुमार सेठी परिवार ने प्राप्त किया। यह जानकारी महावीर कुमार जैन ने दी।


