Deoli News 10 जनवरी (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) उपखंड मुख्यालय स्थित देवली तहसीलदार कार्यालय इन दिनों अधिकारियों के तबादलों और चार्ज बदलने के खेल को लेकर राजस्व व प्रशासनिक हलकों में चर्चा में बना हुआ है। प्रशासनिक अस्थिरता का आलम यह है कि पिछले मात्र डेढ़ महीने के भीतर देवली तहसीलदार की कुर्सी पर तीन बार बदलाव देखे जा चुके हैं।

इस खींचतान और बार-बार बदलते आदेशों के कारण पद को लेकर अस्थिरता बनी है। जानकारी के अनुसार गत 30 नवंबर को हुई जब तत्कालीन तहसीलदार दिनेश परीक अपनी सेवा पूरी कर सेवानिवृत्त हो गए। उनके जाने से पहले जिला प्रशासन ने धुआं कलां की नायब तहसीलदार मेघा गुप्ता को देवली तहसीलदार का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया। अभी व्यवस्था पटरी पर लौट ही रही थी कि नए साल के पहले दिन यानी एक जनवरी को जिला कलक्टर के एक संशोधित आदेश ने सबको चौंका दिया।
इस आदेश के तहत मेघा गुप्ता से प्रभार वापस लेकर देवली में ही कार्यरत नायब तहसीलदार भोपाल सिंह को तहसीलदार का अतिरिक्त कार्यभार दे दिया गया। हैरानी की बात यह रही कि यह व्यवस्था भी महज चार दिन ही टिक सकी। करीब 5 जनवरी के आसपास एक बार फिर संशोधन आदेश जारी हुआ और प्रभार की गेंद वापस मेघा गुप्ता के पाले में चली गई। वर्तमान में मेघा गुप्ता ही देवली तहसीलदार का कार्यभार संभाल रही हैं। स्थानीय जानकारों और जानकारों का कहना है कि धुआं कलां असल में नगरफोर्ट तहसील का हिस्सा है, जबकि देवली में पहले से ही नायब तहसीलदार मौजूद थे।
दिलचस्प तथ्य यह भी है कि पिछले दिसंबर महीने में ही डीपीसी के अंतर्गत नायब तहसीलदार भोपाल सिंह पदोन्नति पाकर तहसीलदार बन चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद वे फिलहाल देवली में नायब तहसीलदार के पद पर ही कार्य कर रहे हैं। बार-बार बदलते इन प्रभारों ने तहसील कार्यालय की आधिकारिक स्थिरता पर सवाल किए हैं।


