देवली की राजनीति में बड़ा उलटफेर, 3 साल का कांग्रेस बोर्ड बीजेपी में पलटा
Desk News 29 मार्च (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) टोंक सवाईमाधोपुर लोकसभा सीट पर टोंक में गुरुवार देर शाम बड़ी सियासी उठा पटक देखने को मिली। देवली में 3 सालों से नगर पालिका में चल रहा कांग्रेस का बोर्ड एक झटके में बीजेपी में विलय हो गया।
इस दौरान कांग्रेस से पालिका अध्यक्ष नेमीचंद जैन ने 6 पार्षदों और 14 अन्य नेताओं के साथ टोंक में बीजेपी ज्वाइन कर ली। इनमें दो पूर्व पालिकाध्यक्ष भी शामिल है। हालांकि, पालिका अध्यक्ष के बीजेपी ज्वाइन करने के प्रयास करीब एक सप्ताह से चल रहे थे। इस कार्यक्रम में उन्हें बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री प्रभु लाल सैनी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी, कैबिनेट मंत्री कन्हैया लाल चौधरी समेत दिग्गज नेताओं ने बीजेपी ज्वाइन कार्रवाई। नेमीचंद के साथ उनकी पत्नी और पूर्व पालिकाध्यक्ष मंजू जैन ने भी बीजेपी ज्वाइन की है। यह घटनाक्रम टोंक जिले का अब तक का सबसे बड़ा सियासी उलट फेर है।
3 साल से चल रहा कांग्रेस के बोर्ड का बीजेपी में विलय
देवली नगर पालिका में फरवरी 2021 में बोर्ड का गठन हुआ।इसमें विधायक हरिश्चंद्र मीणा की अगवाई में कांग्रेस के नेमीचंद जैन पालिका अध्यक्ष बने। उस समय कांग्रेस से 10 पार्षद जीते थे। जबकि बीजेपी के पांच और निर्दलीय 10 पार्षद चुने गए। तब बीजेपी के दो पार्षदों ने कांग्रेस के नेमीचंद जैन को अध्यक्ष बनने में सपोर्ट किया। इसके कारण उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। नेमीचंद मूलतः बीजेपी से जुड़े हुए थे। लेकिन बाद में बसपा में गए और इसके बाद कांग्रेस में शामिल हो गए। शुक्रवार को देवली पालिकाध्यक्ष नेमीचंद जैन ने कांग्रेस के पार्षद पवन सिंहल, निर्दलीय पार्षद दुर्गेश नंदन तेली, संतोष ग्वाला, लोकेश लक्षकार, भीम सिंह समेत 7 पार्षदों ने बीजेपी ज्वाइन कर ली।
इनमें भाजपा की पार्षद कमला देवी सोनी भी शामिल है, जो नगरपालिका के चुनाव में बीजेपी से चुनाव जीती थी। लेकिन पालिका अध्यक्ष के लिए बीजेपी से बगावत करते हुए कांग्रेस के नेमीचंद जैन को अपना समर्थन दिया। जिसके बाद पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया था। इसके अलावा देवली के 14 अन्य नेताओं ने भी बीजेपी ज्वाइन की है।


