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HomeCrime Newsनकबजनी व लूट की अंतर जिला कालबेलिया गैंग का पर्दाफाश

नकबजनी व लूट की अंतर जिला कालबेलिया गैंग का पर्दाफाश

  • 40 से अधिक वारदात कबूली

  • दो आरोपी गिरफ्तार

  • देवली इलाके में भी की थी कई वारदातें


Deoli News 26 नवंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) जिले की लांबाहरिसिंह थाना पुलिस ने नकबजनी व लूट की अंतर जिला कालबेलिया गैंग का पर्दाफाश किया है। यह गैंग अब तक 40 से अधिक वारदात कर चुकी है। मामले में पुलिस ने दो जनों को गिरफ्तार किया है। जिसे लगातार इन्वेस्टिगेशन की जा रही है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मालपुरा मोटाराम बेनीवाल ने बताया कि उक्त आरोपियों ने गत 28 अक्टूबर से 16 नवंबर तक लंबाहरिसिंह थाना क्षेत्र के रूपाहेली, गणवर, कालानाड़ा एवं पिनणी रोड डिग्गी पर सोने की मुरकिया, सोने की नाथ आदि तोड़ने की वारदातें की। लगातार हो रही वारदात के बाद पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देश पर पुलिस वृत्त अधिकारी आशीष प्रजापत के सुपरविजन में लंबाहरिसिंह थाना अधिकारी मुकेश कुमार की अगवाई में टीम गठित की गई। टीम ने सभी वारदातों को अंजाम देने वाली कालबेलिया गैंग का सुराग लगाया। इस दौरान पुलिस ने तकनीकी आसूचना, डीटीएस लोकेशन, सीडीआर विश्लेषण, मानवीय सूचना एकत्र कर आरोपियों की धरपकड़ की उक्त कालबेलिया गैंग ने टोंक, केकड़ी, अजमेर, दूदू, बूंदी, जालौर और भीलवाड़ा समेत जिलों में चोरी व नकबजनी की दर्जनों वारदात की है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बेनीवाल ने बताया कि मामले में पुलिस ने सूरज कालबेलिया पुत्र राजू कालबेलिया निवासी पुनर्वास कॉलोनी बंथली जिला टोंक और रामस्वरूप कालबेलिया पुत्र मिट्ठूलाल कालबेलिया निवासी रूपाहेली मालपुरा को गिरफ्तार किया है।

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जिन्होंने अलग-अलग इलाकों से 40 से अधिक वारदातें किया जाना कबूल किया है। वहीं इनकी पुष्टि तकनीकी साक्ष्य एवं दर्ज प्रकरणों से हुई है। फिलहाल लांबाहरिसिंह थाना पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया है। जिसे अनुसंधान किया जा रहा है।

रैकी कर अंजाम देते थे वारदात

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोटाराम बेनीवाल ने बताया कि गैंग के दोनों सदस्य परस्पर रिश्तेदार है, जो दिन के वक्त फेरी लगाकर चटाई, चाय के कप, अन्य घरेलू सामान बेचकर रेकी करते हैं। खासकर उन बुजुर्ग महिला व पुरुषों की रेकी करते हैं, जो घर के बाहर बाड़े में अकेले सोते हैं या अकेले गुजरते हैं। वही आरोपी जिस व्यक्ति को अपना शिकार बनना चाहते हैं, उनके चप्पल जूतों से उनकी रात के वक्त पहचान करते हैं। वही वारदात करने के बाद यह लोग दुपहिया और चौपाहियां वाहन का उपयोग करते हैं।

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