Deoli News 19 मार्च (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) चैत्र नवरात्र का गुरुवार से विधिवत शुभारंभ हो गया है। नौ दिवसीय महोत्सव के पहले दिन श्रद्धालुओं ने शुभ मुहूर्त में अपने घरों और देवालयों में पूर्ण विधि-विधान के साथ कलश स्थापना की। इस मौके पर 9 दिवसीय अनुष्ठान शुरू हुए।
मां शक्ति के आह्वान के साथ ही क्षेत्र में सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की गई। इस वर्ष की नवरात्र धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पंचांग के अनुसार मालव्य, सर्वार्थ सिद्धि और शुक्रादित्य जैसे शुभ राजयोगों का निर्माण हो रहा है, जो पर्व की महत्ता को द्विगुणित कर रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्र के ये नौ दिन सृष्टि की रचना के प्रतीक हैं, जिनमें देवी दुर्गा के नौ विभिन्न स्वरूपों की आराधना का विशेष विधान है। श्रद्धालु प्रतिपदा से नवमी तक मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चन्द्रघंटा, कूष्माण्डा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना कर व्रत धारण कर रहे हैं। क्षेत्र के प्रमुख शक्तिपीठों पर सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा।
विशेष रूप से चांदली स्थित हिंगलाज माता मंदिर, कुंचलवाड़ा के बीजासन माता मंदिर, राजमहल में जलदेवी माता, रावता माताजी और दूनी के दूणजा माता मंदिर में विशेष आरती और भजन-कीर्तन के आयोजन किए जा रहे हैं। देवालयों में रामायण पाठ की चौपाइयां गूंजने लगी। घरों में भी महिलाओं और श्रद्धालुओं ने घट स्थापना कर अखंड ज्योत प्रज्वलित की है। मंदिरों में सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, वहीं श्रद्धालु अपनी सामर्थ्य अनुसार माता को विशेष भोग अर्पित कर रहे हैं। इस मौके पर कई श्रद्धालु 9 दिन तक व्रत उपवास रखेंगे।



