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बीमारी से ग्रसित रोगियों के घर जाकर की पड़ताल
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शनिवार से देवली में 5 दिन चलेगा सर्वे
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“दैनिक ब्यूरो” की खबर प्रसारित होने के बाद हरकत में आया स्वास्थ्य विभाग
Deoli News 23 मई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शहर में करीब आधा दर्जन रोगी जीबीएस सिंड्रोम से ग्रसित होने का समाचार “दैनिक ब्यूरो” में प्रसारित होने के बाद आखिरकार स्वास्थ्य विभाग ने संज्ञान लिया है और हरकत में आते हुए शुक्रवार को जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इसे लेकर टोंक से एपिडेमियोलॉजी (महामारी विज्ञान) डॉ. राहुल श्रीवास्तव देवली ब्लॉक सीएमएचओ डॉ. जगदीश मीणा समेत 5 सदस्य दल शुक्रवार को शहर में सिंड्रोम से प्रभावित परिवारों के घर पहुंचा। इस दौरान दल ने पीड़ित रोगियों के उक्त सिंड्रोम से ग्रसित होने की तिथि, अस्पताल में भर्ती कराने, ऑक्सीजन और वेंटिलेटर स्थिति से संबंधित प्रश्न किए। इसके अलावा रोगियों के किए गए टेस्ट एवं उनको दी गई दवाइयां की गहनता से जानकारी ली। टीम ने सिंड्रोम से जुड़े रोगियों के लक्षण भी नोट किए। शुक्रवार को उक्त टीम पटेल नगर में सिंड्रोम से प्रभावित हुए पटवारी पंकज जैन के घर पहुंची। उनके पिता महावीर प्रसाद जैन ने टीम को जानकारी दी।
जैन ने बताया कि उनके पुत्र पंकज से जुड़ी सभी रिपोर्ट्स टीम ने ली और पानी का सैंपल कलेक्ट किया। इसके अलावा उक्त टीम ने राजकीय चिकित्सालय के डॉ. जगनलाल मीणा के घर पर भी जांच पड़ताल की। टीम ने सिंड्रोम से ग्रसित इयान से बातचीत की। उनके घर का पानी का सैंपल लिया और ट्रीटमेंट से जुड़ी जानकारी जुटाई। सीएचसी देवली के प्रभारी डॉ. राजकुमार गुप्ता ने बताया कि टीम ने सभी पेशेंट के घर जाकर मेडिकल रिपोर्ट जुटाई है और शनिवार से देवली के सभी वार्डों में 5 दिन तक सर्वे किया जाएगा। इसे लेकर आशा सहयोगिनियों को निर्देश दिए गए है। आशाएं वार्ड में घर-घर जाकर संभावित लोगों की जानकारी व पानी का सैंपल लेंगी।
इसके अलावा सिंड्रोम से ग्रसित इति गोयल के आसपास के लोगों की भी जानकारी जुटाएगी। वही 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चे यदि सिंड्रोम से ग्रसित हुए हैं अथवा उन पर इस तरह के कोई सिम्टम्स नजर आए हो तो आशाएं उनके नाम डिपार्टमेंट को भेजेगा। उल्लेखनीय है कि घर 2 दिन पूर्व बुधवार को दैनिक ब्यूरो ने देवली में सिंड्रोम से ग्रसित करीब आधा दर्जन मरीजों का समाचार प्रसारित किया था। इसके बाद महामारी विज्ञान के डॉ. राहुल देवली पहुंचे और स्थानीय चिकित्साकर्मियों के साथ पेशेंट के घर जाकर जानकारी जुटाई। वहीं शनिवार को भी टीम पेशेंट के घर जाएगी।
गौरतलब है कि वर्ष 2023 में पेरू देश में उक्त सिंड्रोम के केस अधिक आने पर वहां 90 दिन का मेडिकल इमरजेंसी घोषित की गई थी। वहीं भारत में पुणे में इसके सर्वाधिक के सामने आए थे। उसके बाद यह मामले देवली में देखे गए हैं।


