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पाषाण से परमात्मा बनने की यात्रा है पंचकल्याणक : महोत्सव की भव्य शुरुआत

  • ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर व पूर्व कृषि मंत्री डॉ. प्रभुलाल सैनी रहे मुख्य अतिथि

  • सांस्कृतिक कार्यक्रम और झांकियां की धूम

@आशीष बागड़ी


Deoli News 6 फरवरी (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शहर की ज्योति कॉलोनी स्थित अयोध्या नगरी में जैन मुनि प्रणीत सागर और क्षुल्लक विधेय सागर के सानिध्य में आयोजित पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ के दौरान धर्म, आस्था और भक्ति का भव्य संगम देखने को मिला। शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर व पूर्व कृषि मंत्री डॉ. प्रभुलाल सैनी ने शिरकत की। इस दौरान आयोजन समिति की ओर से सभी अतिथियों का अभिनंदन किया गया।

इस अवसर पर पूर्व कृषि मंत्री डॉ. प्रभुलाल सैनी ने कहा कि पाषाण से भगवान बनने की प्रक्रिया वास्तव में आत्मा से परमात्मा बनने की यात्रा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंचकल्याणक महोत्सव केवल मनोरंजन का माध्यम या कोई मेला नहीं है, बल्कि यह नर से नारायण बनने का मार्ग है। यह पर्व हमें त्याग और तपस्या सिखलाता है। जैन धर्म हमें संयम, त्याग और तपस्या का पाठ पढ़ाता है और यह पर्व अरिहंतों के वैराग्य व आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का एक पावन अवसर है, क्योंकि त्याग और तपस्या से ही जीवन में दिव्यता आती है। डॉ. सैनी ने भारतीय संस्कृति में योग साधना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मानव तन और मन का उपयोग तप व सत्कर्मों में किया जाना चाहिए।

उन्होंने जिनेन्द्र और अरिहंत स्वरूप की व्याख्या करते हुए णमोकार मंत्र की महत्ता बताई। उन्होंने कहा कि नवकार मंत्र के पांच पद, 35 अक्षर और 58 मात्राओं के गूढ़ अर्थ को समझना आवश्यक है। इस दौरान उन्होंने सभी श्रावकों को गर्भकल्याणक दिवस की शुभकामनाएं भी दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि जैन धर्म का मार्ग अत्यंत कठिन और चुनौतीपूर्ण है, लेकिन जो इस पर अडिग रहता है, वह निरंतर पवित्रता की ओर बढ़ता जाता है। उन्होंने जैन आहार पद्धति की वैश्विक महत्ता बताते हुए कहा कि आज पूरे विश्व में जैन भोजन को विशेष सम्मान दिया जाता है।

इसकी वजह आहार और विचारों की शुद्धता का सीधा प्रभाव आत्मा पर पड़ता है। उन्होंने जैन समाज की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि यह समाज अपनी नेक कमाई का हिस्सा धर्म और परोपकार के कार्यों में लगाना बखूबी जानता है। कार्यक्रम के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष नेमीचंद जैन ने महोत्सव में 11 लाख रुपए भेंट करने की घोषणा की, जिसकी समाज ने हर्षध्वनि के साथ सराहना की। महोत्सव के दौरान गर्भकल्याणक पूर्वार्ध की विभिन्न धार्मिक क्रियाएं विधि-विधान से संपन्न की गईं, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस अवसर पर महिलाओं द्वारा प्रस्तुत मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

अतिथियों ने कार्यक्रम स्थल पर सजाई गई भव्य झांकियों का अवलोकन किया और महोत्सव के विभिन्न आध्यात्मिक पहलुओं की जानकारी ली। कार्यक्रम में गर्भ कल्याणक की महिमा का भी विस्तार से वर्णन किया गया।

यह थे मौजूद

इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष नेमीचंद जैन, कोटा भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश जैन, भाजपा शहर अध्यक्ष अंकित जैन डाबर, पूर्व पालिका अध्यक्ष कैलाश सोनी, भाजपा नेता महेश मंगल, सत्यनारायण माहेश्वरी, रामलाल सेन, जैन अग्रवाल समाज अध्यक्ष बंशीलाल सर्राफ, आयोजन समिति के अध्यक्ष विनोद जैन (मोतीपुरा), संयोजक पंकज जैन सर्राफ, दिनेश जैन सर्राफ़, दिनेश जैन (बाजटा), अनिल जैन, लकी जैन सर्राफ, उत्तम जैन, कमल जैन, मुकेश, छोटूलाल सहित कार्यक्रम के विभिन्न पात्र, समाज के लोग और आयोजन समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा जयपुर विद्युत वितरण निगम के अधिशासी अभियंता राकेश कुमार जोनवाल, सहायक अभियंता डीके जैन भी मौजूद थे।

शुक्रवार को गर्भ कल्याणक पूर्वार्द्ध हुआ

यहां दिन की शुरुआत सुबह 8 बजे जिन-आज्ञा, गुरु-आज्ञा और देव-आज्ञा के साथ हुई, जिसके बाद प्रातः 8.15 बजे चंद्रप्रभु मन्दिर से अयोध्या नगरी तक घट यात्रा एवं जिन बिम्ब यात्रा निकाली। इसके बाद प्रातः ध्वजारोहण व मण्डप-उद्घाटन और मण्डप एवं वेदी की शुद्धि की गई। इसके बाद जिनाभिषेक, आचार्य निमंत्रण, चित्र अनावरण, दीप प्रज्जवलन, पाद प्रक्षालन और शास्त्र भेंट मांगलिक कार्य हुए। वहीं दोपहर को सरलीकरण, पात्र प्रतिष्ठा, पूजन यागमण्डल विधान और मंत्र जाप किया गया। इस दौरान हल्दी औऱ मेहंदी के कार्यक्रम भी हुए।

रात्रि में सौधर्म इन्द्र दरबार, आसन कम्पायमान तथा सौलह स्वप्न दर्शन के साथ कार्यक्रम होंगे। महाआरती का आगमन विनोद जैन (मोतीपुरा) के घर से किया जा रहा है।

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